
सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव लगातार बना हुआ है। सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों में सतर्कता बढ़ गई है। बाजार में कमजोर मांग, मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते सोने में करीब 3 प्रतिशत और चांदी में लगभग 3.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
कारोबार के दौरान 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर लगभग ₹1,38,000 के आसपास पहुंच गई। हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू की, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे दामों के कारण आभूषणों की खरीदारी पहले से ही कमजोर थी, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
वहीं एक किलो चांदी की कीमत गिरकर करीब ₹2,65,000 के स्तर पर आ गई। चांदी में गिरावट अपेक्षाकृत ज्यादा रही, क्योंकि इसकी मांग न केवल निवेश बल्कि औद्योगिक उपयोग से भी जुड़ी होती है। औद्योगिक मांग को लेकर बनी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी ने चांदी की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाला।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर असमंजस, डॉलर में मजबूती और जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर निवेशकों का झुकाव बढ़ने से कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है। इसके अलावा, हालिया तेजी के बाद बाजार में करेक्शन को स्वाभाविक माना जा रहा है।
बाजार जानकारों का कहना है कि अल्पकाल में सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट एक अवसर भी साबित हो सकती है। फिलहाल निवेशक वैश्विक संकेतों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।