भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा: उद्योग जगतBy Admin Tue, 03 February 2026 06:39 AM

नई दिल्ली। प्रमुख उद्योग संगठनों ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगा और इसके साथ ही विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार, रोजगार सृजन तथा मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास को गति देगा।

अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ को तत्काल 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को भी हटा लिया गया है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा, “भारत-अमेरिका टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाने का प्रस्ताव दोनों देशों के बीच रणनीतिक आर्थिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मेमानी ने कहा, “सीआईआई दोनों देशों के उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद की उम्मीद करता है, ताकि इस सकारात्मक माहौल को व्यवसायों के लिए ठोस परिणामों और दीर्घकालिक आर्थिक विकास में बदला जा सके।”

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि टैरिफ में कमी करके अमेरिका ने व्यापार खुलापन और आर्थिक दक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

उन्होंने बयान में कहा, “कम टैरिफ से घरेलू उद्योगों की लागत घटती है, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होती हैं और महंगाई पर भी अंकुश लगता है, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलती है। इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को लाभ होगा, क्योंकि उन्हें कच्चे माल, पूंजीगत उपकरणों और जरूरी घटकों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।”

जुनेजा ने यह भी कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल से उत्पन्न सहयोग की भावना के अनुरूप है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार में भरोसा और स्थिरता बढ़ेगी।

एईपीसी (AEPC) के चेयरमैन डॉ. ए. साक्थिवेल ने कहा कि यह समझौता भारतीय परिधान उद्योग के लिए बेहद स्वागतयोग्य और समयानुकूल है, जो अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के ऊंचे टैरिफ के कारण दबाव में था।

उन्होंने कहा, “अमेरिका हमारा सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और बेहतर व्यापार शर्तों से अमेरिकी बाजार में भारतीय परिधान उत्पादों की प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ेगी। इससे परिधान निर्यात को मजबूत बढ़ावा मिलेगा, पूरी वैल्यू चेन में नए निवेश आएंगे और भारत एक भरोसेमंद वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में और सशक्त होगा।”

साक्थिवेल ने कहा कि परिधान क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ताओं में से एक है, ऐसे में यह सकारात्मक कदम न केवल मौजूदा नौकरियों को सुरक्षित करेगा, बल्कि विशेष रूप से महिलाओं और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर भी पैदा करेगा।

 

With inputs from IANS