सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर होने से सोना-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावटBy Admin Tue, 17 February 2026 11:39 AM

नई दिल्ली। कमजोर सुरक्षित निवेश मांग और निवेशकों द्वारा मिश्रित अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण के बीच मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का अप्रैल वायदा कारोबार 0.56 प्रतिशत गिरकर 1,53,889 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का मार्च वायदा 1.18 प्रतिशत टूटकर 2,37,064 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।

विश्लेषकों के अनुसार निवेशक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि महंगाई में नरमी का असर मौद्रिक नीति में ढील के रूप में दिखेगा या मजबूत श्रम बाजार के कारण ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी।

डॉलर इंडेक्स 0.21 प्रतिशत बढ़कर 97.12 पर पहुंच गया, जो जनवरी में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में नरमी के बाद मजबूती दर्शाता है। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 5,000 डॉलर के स्तर से नीचे गिरकर 4,992 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि स्पॉट सिल्वर में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी उपभोक्ता कीमतों में अपेक्षा से कम वृद्धि और रोजगार वृद्धि के मजबूत आंकड़ों ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।

विश्लेषकों के मुताबिक COMEX गोल्ड हालिया 5,500–5,600 डॉलर के उच्च स्तर से सुधार के बाद 4,850 से 5,100 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है।

भूराजनैतिक तनाव में कमी आने से भी सोने की सुरक्षित निवेश मांग प्रभावित हुई है। एक ईरानी राजनयिक ने संकेत दिया कि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच परमाणु समझौते की संभावना पर बातचीत जारी है, जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार सोने को 1,45,000 और 1,50,000 रुपये के स्तर पर समर्थन मिल सकता है, जबकि 1,60,800 और 1,65,000 रुपये पर प्रतिरोध देखा जा रहा है। वहीं चांदी को 2,25,000 और 2,60,000 रुपये के स्तर पर समर्थन तथा 3,00,000 और 3,25,000 रुपये के स्तर पर प्रतिरोध मिल सकता है।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर जारी तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों का सरकारी बॉन्ड तथा मुद्राओं से दूरी बनाना, कीमती धातुओं के दीर्घकालिक रुझान को सकारात्मक बनाए हुए है। निवेशक वैश्विक तरलता, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की बातचीत पर भी नजर बनाए हुए हैं।

 

With inputs from IANS