
नई दिल्ली। Qualcomm ने बुधवार को घोषणा की कि वह भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए अपने वेंचर आर्म के माध्यम से 150 मिलियन डॉलर तक का निवेश करेगा। यह घोषणा ‘India AI Impact Summit 2026’ में कंपनी के सीईओ की भागीदारी के दौरान की गई।
कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ Cristiano Amon ने कहा, “हमारे नए Strategic AI Venture Fund के जरिए क्वालकॉम भारत में एआई के अगले अध्याय को आगे बढ़ाने वाली कंपनियों में निवेश कर रहा है।”
कंपनी का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते टेक्नोलॉजी और एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम को समर्थन देना है, खासतौर पर ऑटोमोटिव, IoT, रोबोटिक्स और मोबाइल क्षेत्रों में एआई नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
अमोन ने कहा कि एआई अब ऐसे नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां इंटेलिजेंस सीधे उन डिवाइसेज़ और सिस्टम्स में समाहित की जा रही है, जिन पर लोग रोज़ाना निर्भर रहते हैं—जैसे स्मार्टफोन, पीसी, कार, औद्योगिक मशीनें और रोबोट। उनका मानना है कि यह बदलाव पूरे उद्योग जगत को पुनर्परिभाषित करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एज एआई (Edge AI) के प्रसार के साथ भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कंपनी के अनुसार, यह वेंचर फंड भारत के टेक्नोलॉजी परिदृश्य के प्रति क्वालकॉम की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वैश्विक स्तर पर एज एआई में उसकी नेतृत्वकारी भूमिका के अनुरूप है।
Qualcomm Ventures के माध्यम से कंपनी उभरती हुई कंपनियों को अपनी गहन तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक उद्योग नेटवर्क तक पहुंच प्रदान कर उन्हें बाजार में अग्रणी समाधान विकसित करने में मदद करेगी।
क्वालकॉम 2007 से भारत के स्टार्टअप समुदाय में निवेश कर रहा है और अब तक 40 से अधिक कंपनियों को समर्थन दे चुका है, जिनमें MapmyIndia (डिजिटल मैप और नेविगेशन समाधान प्रदाता) और ideaForge (ड्रोन टेक्नोलॉजी में अग्रणी) शामिल हैं।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स, शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पांच दिवसीय इस सम्मेलन में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और शासन प्रमुख, 60 मंत्री एवं उपमंत्री, तथा 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ—सीईओ, फाउंडर्स, शिक्षाविद, शोधकर्ता और परोपकारी संगठनों के प्रतिनिधि—शामिल हो रहे हैं।
With inputs from IANS