
वॉशिंगटन। अमेरिका ने 2025 में वैश्विक बाजार से इस्पात की खरीद घटाई, लेकिन भारत से आयात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, कुल अमेरिकी इस्पात आयात में 12.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि भारत से शिपमेंट 118 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया, जो आपूर्ति स्रोतों में बदलाव का संकेत देता है।
American Iron and Steel Institute (AISI) ने अंतिम जनगणना ब्यूरो आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में अमेरिका ने कुल 15,77,000 नेट टन इस्पात आयात किया, जिसमें 11,60,000 नेट टन फिनिश्ड स्टील शामिल था। नवंबर की तुलना में कुल आयात 3.8 प्रतिशत घटा, जबकि फिनिश्ड स्टील आयात 6.9 प्रतिशत बढ़ा।
पूरे वर्ष 2025 में कुल इस्पात आयात 2,52,41,000 नेट टन रहा, जो 2024 के मुकाबले 12.6 प्रतिशत कम है। फिनिश्ड स्टील आयात 1,86,65,000 नेट टन रहा, जिसमें साल-दर-साल 17.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर में फिनिश्ड स्टील का आयात बाजार हिस्सेदारी 14 प्रतिशत और पूरे वर्ष के लिए 18 प्रतिशत आंकी गई।
भारत का प्रदर्शन सुस्त वैश्विक रुझान के बीच खास रहा। अमेरिका ने 2025 में भारत से 5,53,000 नेट टन इस्पात आयात किया, जो 2024 की तुलना में 118.3 प्रतिशत अधिक है। हालांकि दिसंबर में भारत से 42,000 नेट टन की आपूर्ति हुई, जो नवंबर के मुकाबले 10.1 प्रतिशत कम रही।
देशवार आंकड़ों में कनाडा 45,24,000 नेट टन के साथ 2025 में अमेरिका का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रहा, हालांकि यह 2024 की तुलना में 31 प्रतिशत कम है। ब्राजील 41,26,000 नेट टन (8 प्रतिशत गिरावट) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मेक्सिको से 28,23,000 नेट टन (19.7 प्रतिशत गिरावट), दक्षिण कोरिया से 26,62,000 नेट टन (5.3 प्रतिशत गिरावट) और जर्मनी से 11,28,000 नेट टन (5 प्रतिशत वृद्धि) का आयात हुआ।
दिसंबर में ब्राजील 2,57,000 नेट टन के साथ शीर्ष आपूर्तिकर्ता रहा (4.1 प्रतिशत वृद्धि)। कनाडा से 2,34,000 नेट टन (9 प्रतिशत गिरावट), दक्षिण कोरिया से 1,67,000 नेट टन (1.3 प्रतिशत वृद्धि), मेक्सिको से 1,37,000 नेट टन (17.4 प्रतिशत गिरावट) और जापान से 1,09,000 नेट टन (52.6 प्रतिशत वृद्धि) आयात हुआ।
उत्पाद श्रेणियों में दिसंबर के दौरान कई खंडों में तेज मासिक वृद्धि दर्ज की गई। रिइनफोर्सिंग बार आयात 135 प्रतिशत बढ़ा। कट लेंथ प्लेट्स में 68 प्रतिशत, कॉइल्स में प्लेट्स 44.6 प्रतिशत, हॉट-रोल्ड बार 38.9 प्रतिशत और हेवी स्ट्रक्चरल शेप्स 37.3 प्रतिशत बढ़े।
वार्षिक आधार पर 2025 में टिन प्लेट आयात 24.3 प्रतिशत बढ़ा। लाइन पाइप में 18.5 प्रतिशत, वायर रॉड्स में 13.2 प्रतिशत और ऑयल कंट्री गुड्स में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इस्पात अवसंरचना, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा प्रणालियों और निर्माण क्षेत्र के लिए अहम बना हुआ है। हाल के वर्षों में व्यापार उपायों और आपूर्ति श्रृंखला बहसों के बीच अमेरिकी आयात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारत के लिए अमेरिका को बढ़ी हुई आपूर्ति उसके वैश्विक बाजार में मजबूत होते प्रभाव को दर्शाती है।
With inputs from IANS