
नई दिल्ली- एक नई रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में यूनिकॉर्न कंपनियों (जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर या उससे अधिक होता है) के बनने की गति अभूतपूर्व रूप से तेज हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई आधारित कंपनियां औसतन सिर्फ 4.7 वर्षों में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर रही हैं।
वैश्विक वेंचर कैपिटल फर्म Antler की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिकॉर्न बनने की रफ्तार 2003 से 2013 के बीच सालाना औसतन 4 कंपनियों से बढ़कर 2014 से 2024 के दौरान 148 कंपनियों प्रति वर्ष तक पहुंच गई है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा है। 2014 से 2024 के बीच भारत में 109 यूनिकॉर्न बने। इस दौरान बेंगलुरु (46 यूनिकॉर्न), मुंबई (19) और गुरुग्राम (15) देश के प्रमुख यूनिकॉर्न हब के रूप में उभरे।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शैक्षणिक संस्थान भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। IIT Delhi जैसे संस्थान उन शीर्ष वैश्विक विश्वविद्यालयों में शामिल हैं, जहां से यूनिकॉर्न के संस्थापक निकल रहे हैं।
यह अध्ययन 2014 से 2024 के बीच 1,629 यूनिकॉर्न कंपनियों और 3,512 संस्थापकों के आंकड़ों पर आधारित है।
एंटलर के सह-संस्थापक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी फ्रिड्टजोफ बर्जे ने कहा कि आज के विकेंद्रीकृत दौर में नवाचार कहीं से भी उभर सकता है। एआई में तेज प्रगति के चलते अरबों डॉलर की कंपनियां पहले से कहीं ज्यादा तेजी से सामने आ रही हैं और आने वाले समय में यह रफ्तार और बढ़ेगी।
आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत यूनिकॉर्न संस्थापक ऐसे हैं जो पहले भी स्टार्टअप शुरू कर चुके हैं, जबकि करीब 26 प्रतिशत यूनिकॉर्न फाउंडर प्रवासी हैं, जिनमें से 81 प्रतिशत अमेरिका में आधारित हैं। इसके अलावा, लगभग 60 प्रतिशत यूनिकॉर्न संस्थापकों की पृष्ठभूमि STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) से जुड़ी हुई है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चिंता जताई गई कि यूनिकॉर्न संस्थापकों में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी सिर्फ 6 प्रतिशत है, भले ही पिछले एक दशक में इसमें कुछ बढ़ोतरी देखी गई हो। यह जानकारी एंटलर इंडिया की एसोसिएट दिविता अग्रवाल और एंटलर के पूर्व एसोसिएट पार्टनर सुस्मित पटोदिया ने साझा की, जिन्होंने इस शोध का नेतृत्व किया।
पिछले सप्ताह आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में भी भारत की मजबूत भूमिका उभरकर सामने आई। समिट के इतर, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कृषि, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में नवाचार कर रहे एआई और डीप टेक स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ एक गोलमेज बैठक की।
स्टार्टअप्स ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों की सराहना की और कहा कि एआई इनोवेशन और उसके वैश्विक विस्तार का केंद्र तेजी से भारत की ओर खिसक रहा है।
With inputs from IANS