Iran ने आधिकारिक रूप से Strait of Hormuz बंद किया, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंकाBy Admin Tue, 03 March 2026 11:42 AM

नई दिल्ली। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को आधिकारिक रूप से बंद करने और तेल जहाजों को कड़ी चेतावनी देने के बाद आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

ईरानी अधिकारियों ने सरकारी मीडिया से कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बंद कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करेगा तो “रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और नियमित नौसेना के जवान उन जहाजों को आग के हवाले कर देंगे।”

यह समुद्री मार्ग दुनिया की रोजाना तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत संभालता है। अपने सबसे संकरे हिस्से में इसकी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर (21 मील) है।

यह जलडमरूमध्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों — Saudi Arabia, Iran, Iraq और United Arab Emirates — को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।

विश्लेषकों के अनुसार, तेल बाजारों में घबराहट देखी जा रही है। आशंका है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक आपूर्ति बाधित हो सकती है और दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक अस्थिर हो सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बंद करने का फैसला अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद आया है, जिनका उद्देश्य ईरानी नेतृत्व को कमजोर करना बताया गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी देशों पर कई मिसाइल हमले किए।

रिपोर्टों के मुताबिक, अटलांटिक बेसिन में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकरों के लिए जहाज मालिक प्रतिदिन 2 लाख डॉलर से अधिक की मांग कर रहे हैं, जो पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी है। यह उछाल कतर द्वारा एलएनजी उत्पादन बंद करने के बाद आया, क्योंकि ईरान के साथ संघर्ष व्यापक क्षेत्र में फैलने लगा।

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सोमवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बाजार खुलते ही कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई थी।

गौरतलब है कि भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत तेल जरूरत आयात करता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने करीब 160 अरब डॉलर का तेल आयात किया था, ऐसे में कीमतों में उछाल का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

इस बीच अमेरिका ने कहा है कि उसके पास बढ़ती तेल कीमतों से निपटने और वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूएस कैपिटल में कहा कि बाजार क्षेत्र की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन वॉशिंगटन ने संभावित प्रभाव का पहले से आकलन कर लिया था।

 

With inputs from IANS