
नई दिल्ली — भारत के पैसेंजर व्हीकल (PV) और ट्रैक्टर सेक्टर ने FY26 में मजबूत प्रदर्शन दिखाने के संकेत दिए हैं, हालांकि FY27 में इस तेजी के थोड़े धीमे पड़ने की उम्मीद है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA की रिपोर्ट के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री FY26 में करीब 7-9 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज कर सकती है। इस बढ़त के पीछे त्योहारों के दौरान मजबूत मांग, GST में कटौती और नए मॉडलों की लॉन्चिंग जैसे बड़े कारण हैं।
हालांकि FY27 में यह ग्रोथ घटकर 4-6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसकी वजह FY26 का हाई बेस और बदलती आर्थिक परिस्थितियां मानी जा रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि FY26 के मजबूत प्रदर्शन के बाद FY27 में ग्रोथ थोड़ी सामान्य हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर सेक्टर का आउटलुक स्थिर बना रहेगा। मांग मजबूत रहने और कंपनियों की वित्तीय स्थिति बेहतर होने से यह स्थिरता बनी रहेगी।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। यूटिलिटी व्हीकल्स अब कुल बिक्री का करीब 67 प्रतिशत हिस्सा बन चुके हैं, जो प्रीमियम वाहनों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। साथ ही CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बढ़ती हिस्सेदारी से बाजार में विविधता भी बढ़ रही है।
वहीं ट्रैक्टर इंडस्ट्री ने भी FY26 में शानदार उछाल दर्ज किया है। इस वित्त वर्ष के 11 महीनों में ट्रैक्टर की बिक्री में 22.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके पीछे अच्छे मानसून, बेहतर कृषि उत्पादन और ट्रैक्टर पर GST में कटौती जैसे कारण रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में ट्रैक्टर इंडस्ट्री का कुल वॉल्यूम अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। हालांकि FY27 में इसकी ग्रोथ घटकर 1-4 प्रतिशत रह सकती है, क्योंकि मांग सामान्य होने लगेगी।
इसके बावजूद, दोनों सेक्टर की कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। कम कर्ज, अच्छी नकदी स्थिति और बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन इसका आधार होंगे।
पैसेंजर व्हीकल कंपनियां नए मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म पर निवेश जारी रखेंगी, जबकि ट्रैक्टर निर्माता स्थिर लागत और बेहतर उत्पादन क्षमता का लाभ उठाएंगे।
कुल मिलाकर, FY26 की तेज ग्रोथ के बाद FY27 में रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर पड़ेगी, लेकिन दोनों सेक्टर मजबूत मांग और बेहतर वित्तीय स्थिति के दम पर स्थिर प्रदर्शन बनाए रखेंगे।
With inputs from IANS