
नई दिल्ली – वैश्विक जेट ईंधन की कीमतों में तेजी के बीच, एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) बढ़ाने की घोषणा की है।
### घरेलू उड़ानों के लिए नया ढांचा
एयरलाइन अब फ्लैट अधिभार की जगह दूरी आधारित संरचना अपनाएगी, जो बुधवार से लागू होगी।
* 500 किमी तक की उड़ानों के लिए ₹299
* 2,000 किमी से अधिक के मार्गों के लिए ₹899
सरकार ने घरेलू एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में वृद्धि को 25% तक सीमित किया है, जिससे एयरलाइंस को लागत को संतुलित तरीके से यात्रियों तक पहुँचाने की सुविधा मिली है।
### अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अधिभार
अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए, ATF पर कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण एयर इंडिया ने ज्यादा बढ़ोतरी की है।
* SAARC देशों के लिए $24 (बांग्लादेश को छोड़कर)
* यूरोप के लिए $205
* उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए $280
### ईंधन की कीमतें और कारण
IATA (International Air Transport Association) के डेटा के अनुसार, वैश्विक जेट ईंधन की कीमत 27 मार्च तक $195.19 प्रति बैरल तक पहुँच गई, जो फरवरी के अंत में $99.40 थी।
इस बढ़ोतरी का कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और रिफाइनिंग मार्जिन का बड़ा बढ़ना बताया गया है।
एयर इंडिया ने कहा कि संशोधित अधिभार के बावजूद ईंधन की बढ़ी कीमतों का पूरा बोझ वह यात्रियों पर नहीं डाल रही है और खुद भी काफी लागत वहन कर रही है।
### अतिरिक्त जानकारी
* पहले से जारी टिकटों पर नया अधिभार तब तक लागू नहीं होगा जब तक यात्रा योजनाओं में बदलाव न किया जाए।
* इससे पहले, IndiGo ने भी ATF की कीमतों में वृद्धि के कारण ईंधन शुल्क बढ़ाया था।
इस कदम से स्पष्ट है कि वैश्विक ईंधन संकट का असर भारतीय उड़ानों की कीमतों पर सीधे दिखाई दे रहा है।
With inputs from IANS