
नई दिल्ली — साल 2026 की पहली तिमाही (Q1) में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार दबाव में रहा, लेकिन इस बीच Apple ने इतिहास रचते हुए पहली बार किसी भी वर्ष की पहली तिमाही में बाजार में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने Q1 2026 में 21 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ 5 प्रतिशत सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की। Counterpoint Research के अनुसार, कंपनी का अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट और मजबूत सप्लाई चेन उसे मेमोरी संकट के असर से काफी हद तक बचाए हुए हैं।
iPhone 17 सीरीज की लगातार मजबूत मांग, आकर्षक ट्रेड-इन ऑफर्स और Apple के इकोसिस्टम की पकड़ ने कंपनी की बिक्री को बढ़ावा दिया, भले ही वैश्विक आर्थिक माहौल कमजोर रहा हो। भारत, चीन और जापान जैसे एशिया-प्रशांत बाजारों में Apple की ग्रोथ खास तौर पर मजबूत रही।
वहीं दूसरी ओर, वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की कमी और कमजोर उपभोक्ता मांग रही। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते भी उपभोक्ताओं ने गैर-जरूरी खरीदारी को टालना बेहतर समझा।
Samsung Electronics के शिपमेंट्स में इस तिमाही गिरावट देखने को मिली, हालांकि उसकी S26 सीरीज को अच्छी शुरुआती प्रतिक्रिया मिली है। खासकर Ultra वेरिएंट में बेहतर मांग देखी गई, जो एडवांस्ड हार्डवेयर और AI फीचर्स से लैस है।
बढ़ती लागत के दबाव को संभालने के लिए Samsung ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए एंट्री-लेवल मॉडल्स को कम किया और प्रीमियम डिवाइसेज पर ज्यादा फोकस किया, जिससे शुरुआती कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भी बाजार का आउटलुक कमजोर बना रह सकता है, क्योंकि मेमोरी चिप्स की कमी 2027 के अंत तक जारी रहने की आशंका है। ऐसे में कंपनियां अब वॉल्यूम की बजाय वैल्यू पर ध्यान देंगी, कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स को घटाएंगी और बजट ग्राहकों को बनाए रखने के लिए रिफर्बिश्ड डिवाइसेज का सहारा लेंगी।
कुल मिलाकर, स्मार्टफोन इंडस्ट्री फिलहाल चुनौतियों के दौर से गुजर रही है, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट में Apple जैसी कंपनियां अपनी मजबूत रणनीति के दम पर आगे बनी हुई हैं।
WIth inputs from IANS