
नई दिल्ली: हैदराबाद की निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने नई फंडिंग में 6 करोड़ डॉलर जुटाकर भारत की पहली स्पेस-टेक यूनिकॉर्न कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है। कंपनी की इस फंडिंग राउंड की अगुवाई मौजूदा निवेशक शेरपालो वेंचर्स और सिंगापुर के संप्रभु वेल्थ फंड जीआईसी ने की।
इस निवेश दौर में ब्लैकरॉक, ग्रीनको ग्रुप के संस्थापक, अरकाम वेंचर्स, प्लेबुक पार्टनर्स, शांगवी फैमिली ऑफिस समेत कई अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया। प्लेबुक पार्टनर्स और शांगवी फैमिली ऑफिस पहली बार कंपनी से जुड़े हैं, जबकि बाकी निवेशक पहले से स्काईरूट में निवेश कर चुके हैं।
नई फंडिंग के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस का मूल्यांकन बढ़कर 1.1 अरब डॉलर पहुंच गया है। वर्ष 2023 में कंपनी का वैल्यूएशन करीब 519 मिलियन डॉलर था, यानी अब कंपनी की कीमत दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी है।
इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट (सेवानिवृत्त) ने इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि स्काईरूट का यूनिकॉर्न बनना भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स की तकनीकी क्षमता और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि 2033 तक वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य को मजबूती दे सकती है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदाना ने बताया कि कंपनी आने वाले हफ्तों में भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ के लॉन्च की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई फंडिंग से निवेशकों का कंपनी की दीर्घकालिक योजना और लॉन्च क्षमता पर भरोसा साफ दिखाई देता है।
कंपनी के मुताबिक इस पूंजी का उपयोग विक्रम-1 की लॉन्च क्षमता बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल ‘विक्रम-2’ के विकास में किया जाएगा। विक्रम-2 को एक टन तक पेलोड ले जाने और एडवांस क्रायोजेनिक अपर स्टेज तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है।
स्काईरूट ने बताया कि वर्ष 2022 में उसके ‘विक्रम-एस’ मिशन ने कंपनी की लॉन्च तकनीक का सफल प्रदर्शन किया था, जबकि ‘विक्रम-1’ को उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
शेरपालो वेंचर्स के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर राम श्रीराम ने कहा कि वे शुरुआत से ही स्काईरूट के साथ जुड़े रहे हैं और उन्हें कंपनी की प्रगति पर पूरा भरोसा है।
इस नई फंडिंग के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस अब तक कुल 16 करोड़ डॉलर यानी करीब 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है।
With inputs from IANS