GeM से छोटे कारोबारियों को बड़ी ताकत, 8.69 लाख करोड़ रुपये के सरकारी ऑर्डर मिलेBy Admin Tue, 09 June 2026 03:47 PM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के ई-मार्केटप्लेस (GeM) प्लेटफॉर्म ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को सरकारी खरीद प्रक्रिया में अभूतपूर्व अवसर प्रदान किए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, GeM पर पंजीकृत एमएसई की संख्या वर्ष 2016-17 में मात्र 2,396 थी, जो अब बढ़कर 11.9 लाख से अधिक हो गई है।

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, एमएसई से सरकारी खरीद का मूल्य 69 करोड़ रुपये से बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। इसी अवधि में ऑर्डरों की संख्या 2,994 से बढ़कर 2.17 करोड़ से अधिक हो गई है।

महिला उद्यमियों को भी GeM से बड़ा लाभ मिला है। महिला स्वामित्व वाले एमएसई की संख्या 268 से बढ़कर 2.16 लाख से अधिक हो गई है। इन उद्यमों से सरकारी खरीद का मूल्य 8 करोड़ रुपये से बढ़कर 93,327 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

स्टार्टअप्स की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में जहां केवल 88 स्टार्टअप्स GeM से जुड़े थे, वहीं अब इनकी संख्या 40,000 से अधिक हो चुकी है। इनसे होने वाली सरकारी खरीद 2 करोड़ रुपये से बढ़कर 61,400 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।

इसी तरह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग से जुड़े पंजीकृत एमएसई की संख्या 38 से बढ़कर 66,000 से अधिक हो गई है। इन इकाइयों से सरकारी खरीद का मूल्य 21,800 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी GeM ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से 324 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज और 199 करोड़ सिरिंज की खरीद की गई है। इसके अलावा वंदे भारत ट्रेनों के लिए मेडिकल किट, विभिन्न डायग्नोस्टिक उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं व सामग्री की खरीद भी इसी मंच के जरिए की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, GeM अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उन्नत डेटा विश्लेषण, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और पारदर्शी ई-नीलामी तंत्र का उपयोग कर खरीद प्रक्रिया को अधिक कुशल, जवाबदेह और पारदर्शी बना रहा है।

सरकार का मानना है कि GeM ने सार्वजनिक खरीद प्रणाली को पारंपरिक और कागजी प्रक्रिया से निकालकर पूरी तरह डिजिटल और डेटा-आधारित व्यवस्था में बदल दिया है। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है, पारदर्शिता बढ़ी है और देशभर के छोटे-बड़े उद्यमों को सरकारी खरीद बाजार तक समान पहुंच मिली है।

‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए GeM नवाचार, बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से डिजिटल खरीद प्रणाली को और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म आज सरकारी संस्थानों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल बाज़ार के रूप में उभर चुका है।

 

WIth inputs from IANS