





नई दिल्ली: भारतीय आईटी सेवा कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी विदेशी डील में जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी नागारो एसई (Nagarro SE) का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। कंपनी ने प्रति शेयर 81 यूरो नकद के हिसाब से नागारो के सभी बकाया शेयर खरीदने के लिए स्वैच्छिक सार्वजनिक अधिग्रहण प्रस्ताव (Voluntary Public Takeover Offer) पेश किया है।
यह प्रस्ताव पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की सहयोगी कंपनी गैलेक्सी जर्मनी होल्डिंग के माध्यम से दिया गया है। दोनों कंपनियों के बीच बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। नागारो के प्रबंधन और पर्यवेक्षी बोर्ड ने इस सौदे का समर्थन किया है और शेयरधारकों को प्रस्ताव स्वीकार करने की सिफारिश करने की मंशा जताई है।


नागारो के सबसे बड़े शेयरधारक लैंटानो बेटाइलिगुंगेन जीएमबीएच (Lantano Beteiligungen GmbH) ने भी अपनी 21 प्रतिशत हिस्सेदारी इस सौदे के तहत बेचने पर सहमति दे दी है।
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) संदीप कालरा ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की यूरोप में मौजूदगी को और मजबूत करेगा, जबकि उत्तरी अमेरिका में भी कारोबार का दायरा बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि एआई, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और वैश्विक क्षमता भविष्य के डिजिटल परिवर्तन की दिशा तय करेंगे और नागारो इस रणनीति के लिए एक बेहतरीन साझेदार साबित होगी।
यह सौदा 25 जून के शेयर मूल्य की तुलना में करीब 140 प्रतिशत प्रीमियम और पिछले तीन महीनों के औसत मूल्य से लगभग 94 प्रतिशत अधिक कीमत पर किया जा रहा है। सभी नियामकीय मंजूरियां मिलने और जर्मनी की वित्तीय नियामक संस्था BaFin की स्वीकृति के बाद इसके 2026 की चौथी तिमाही या 2027 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस अधिग्रहण के बाद संयुक्त कंपनी एआई-आधारित डिजिटल इंजीनियरिंग, एंटरप्राइज मॉडर्नाइजेशन, क्लाउड, डेटा, ईआरपी और कस्टमर एक्सपीरियंस (CX) सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत स्थिति में होगी। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों को विभिन्न देशों में एकीकृत डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने की क्षमता भी बढ़ेगी।
With inputs from IANS


