कामराजर पोर्ट बना देश का दूसरा 18 मीटर ड्राफ्ट वाला बंदरगाह, अब संभाल सकेगा विशाल मालवाहक जहाजBy Admin Wed, 08 July 2026 11:22 AM

नई दिल्ली। तमिलनाडु स्थित Kamarajar Port ने कैपिटल ड्रेजिंग फेज-6 परियोजना सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसके साथ ही यह Visakhapatnam Port के बाद 18 मीटर परिचालन ड्राफ्ट (Operational Draft) वाला देश का दूसरा प्रमुख बंदरगाह बन गया है, जो 1.70 लाख डेडवेट टन (DWT) तक क्षमता वाले विशाल कैपसाइज (Capesize) जहाजों का संचालन कर सकता है।

मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र सरकार के कामराजर पोर्ट को 'केप कम्प्लायंट' बनाने के लक्ष्य के तहत यह परियोजना पूरी की गई। लगभग 440 करोड़ रुपये की लागत से बाहरी एप्रोच चैनल की गहराई 20 मीटर से बढ़ाकर 23 मीटर, आंतरिक प्रवेश चैनल की गहराई 19 मीटर से बढ़ाकर 22 मीटर की गई। इसके अलावा 18 मीटर ड्राफ्ट वाले जहाजों के लिए बर्थ, हार्बर बेसिन और अन्य नौवहन क्षेत्रों का भी विकास किया गया।

कामराजर पोर्ट, जिसे पहले एन्नोर पोर्ट के नाम से जाना जाता था, बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर एन्नोर में स्थित है। यह चेन्नई बंदरगाह से लगभग 18 से 24 किलोमीटर उत्तर में है।

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Sarbananda Sonowal ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से कामराजर पोर्ट अब पूरी तरह लदे 1.70 लाख DWT तक के कैपसाइज जहाजों को संभालने में सक्षम गहरे पानी का 'केप कम्प्लायंट' बंदरगाह बन गया है। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, कारोबार करना आसान होगा और भारत के आयात-निर्यात (EXIM) व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई ड्राफ्ट क्षमता के कारण शिपिंग कंपनियां बड़े जहाजों का संचालन कर सकेंगी, जिससे बड़े पैमाने पर माल ढुलाई के जरिए मालभाड़ा कम होगा, परिचालन दक्षता बढ़ेगी और बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

सोनोवाल ने कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्रीय व्यापार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों के मुकाबले कामराजर पोर्ट की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ाएगी। 18 मीटर की गहराई मिलने से यह बंदरगाह बल्क कार्गो हैंडलिंग के मामले में दुनिया के प्रमुख बंदरगाहों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

उन्होंने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से आधुनिक हो रहा है। 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' और 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के तहत विश्वस्तरीय बंदरगाहों और आधुनिक समुद्री अवसंरचना का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है।

 

With inputs from IANS