वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के निर्यात में जोरदार बढ़ोतरी, पहली तिमाही में 11.37 प्रतिशत की वृद्धिBy Admin Mon, 13 July 2026 05:56 PM

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश का कुल निर्यात (वस्तु एवं सेवा) बढ़कर 232.73 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.37 प्रतिशत अधिक है।

आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में वस्तु निर्यात 129.32 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 111.57 अरब डॉलर था। हालांकि, इसी दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 86.86 अरब डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले 68.75 अरब डॉलर था।

सेवा क्षेत्र ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 103.41 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 97.41 अरब डॉलर था। सेवा व्यापार अधिशेष भी बढ़कर 49.43 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 47.90 अरब डॉलर था।

केवल जून 2026 की बात करें तो वस्तु निर्यात 40.41 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि जून 2025 में यह 34.98 अरब डॉलर था। वहीं, जून 2026 में सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 33.03 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 32.11 अरब डॉलर से अधिक है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान गैर-पेट्रोलियम निर्यात 106.30 अरब डॉलर रहा, जिसमें सालाना आधार पर 12.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 94.54 अरब डॉलर था।

जून 2026 में वस्तु निर्यात की वृद्धि में रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा चावल प्रमुख योगदानकर्ता रहे।

रत्न एवं आभूषण निर्यात में सबसे उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। यह जून 2025 के 1.79 अरब डॉलर से बढ़कर जून 2026 में 2.41 अरब डॉलर हो गया, जो 34.64 प्रतिशत की वृद्धि है।

इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 20.74 प्रतिशत बढ़कर 9.51 अरब डॉलर से 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया। कार्बनिक एवं अकार्बनिक रसायनों का निर्यात 19.42 प्रतिशत बढ़कर 2.32 अरब डॉलर से 2.77 अरब डॉलर हो गया।

इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात भी 18.93 प्रतिशत बढ़कर 4.14 अरब डॉलर से 4.93 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, चावल का निर्यात 16.48 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 0.86 अरब डॉलर से बढ़कर 1.00 अरब डॉलर हो गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वस्तु तथा सेवा दोनों क्षेत्रों का प्रदर्शन देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।

 

With inputs from IANS