
मुंबई। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली के दबाव के चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने पूरे कारोबारी सत्र के दौरान सतर्क रुख अपनाया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 443 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,708.52 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 96 अंक यानी 0.39 प्रतिशत फिसलकर 24,238.50 के स्तर पर आ गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,300 से 24,400 का स्तर फिलहाल प्रमुख प्रतिरोध क्षेत्र बना हुआ है। इस दायरे का ऊपरी स्तर 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के साथ मेल खाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो तेजी का रुख और मजबूत हो सकता है तथा सूचकांक 24,500 से 24,600 के स्तर तक पहुंच सकता है।
वहीं, नीचे की ओर 24,100 का स्तर तत्काल समर्थन माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो मुनाफावसूली तेज हो सकती है और सूचकांक 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक आ सकता है।
सोमवार की गिरावट में सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के बड़े शेयरों पर रहा। निफ्टी में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और मारुति सुजुकी इंडिया प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 0.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली, जिससे वित्तीय शेयरों पर दबाव साफ नजर आया।
इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांकों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की नजर पूरे दिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर बनी रही। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया और बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई नौवें दिन भी जारी रही और अब तनाव का केंद्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य बनता जा रहा है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।
With inputs from IANS