भारत ने स्मार्टफोन निर्यात में बनाया नया रिकॉर्ड, पहली तिमाही में 10 अरब डॉलर के करीब पहुंचा आंकड़ाBy Admin Wed, 29 July 2026 11:36 AM

नई दिल्ली। भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में स्मार्टफोन निर्यात के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में देश का स्मार्टफोन निर्यात लगभग 9.84 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक तिमाही निर्यात है।

पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में स्मार्टफोन निर्यात 7.97 अरब डॉलर था। इस तरह एक साल में इसमें 23.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान एप्पल आईफोन के निर्यात का रहा।

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में बने स्मार्टफोनों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा, जहां भारतीय विनिर्मित उपकरणों की मजबूत मांग देखने को मिली।

स्मार्टफोन निर्यात में इस तेजी का असर देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पर भी पड़ा। इस अवधि में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 15.2 अरब डॉलर रहा, जिसमें अकेले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 64.8 प्रतिशत रही।

हाल के वर्षों में भारत का स्मार्टफोन विनिर्माण और निर्यात लगातार मजबूत हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निर्यात में 28 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। देश में बने कुल स्मार्टफोनों में से लगभग एक-तिहाई विदेशों को निर्यात किए गए।

इस वृद्धि में एप्पल के विनिर्माण साझेदारों की अहम भूमिका रही। फॉक्सकॉन (Hon Hai) ने 2025 में आईफोन की मजबूत शिपमेंट के दम पर अपने निर्यात में 48 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं सैमसंग ने भी अपने निर्यात में 4 प्रतिशत की वृद्धि की।

इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके साथ ही एप्पल सभी उत्पाद श्रेणियों में भारत का सबसे बड़ा ब्रांडेड निर्यातक बन गया।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से कुल स्मार्टफोन निर्यात लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये (29.4 अरब डॉलर) रहा, जिसमें अकेले आईफोन की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से अधिक (करीब 22 अरब डॉलर) रही।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज़ वृद्धि के पीछे केंद्र सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में किए गए सुधार, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए बढ़ा बजटीय समर्थन तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियमों में दी गई रियायतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन कदमों से भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

 

With inputs from IANS