

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। ऑटो और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए, जबकि हालिया तेजी के बाद आईटी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
सेंसेक्स 166.49 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 66.45 अंक यानी 0.27 प्रतिशत चढ़कर 24,383.60 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर फिलहाल सबसे अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि इसके नीचे 24,200 दूसरा महत्वपूर्ण स्तर है। यदि निफ्टी 24,200 के नीचे बंद होता है तो बाजार में फिर से मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में रही। वित्तीय शेयरों में लगातार खरीदारी से बाजार को मजबूत समर्थन मिला।
व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप दोनों सूचकांक 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार की तेजी में अहम भूमिका निभाई। एफएमसीजी शेयरों में भी अच्छी मजबूती रही। दूसरी ओर, लगातार पांच सत्रों की बढ़त के बाद आईटी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, हालांकि ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने कुछ मुनाफावसूली भी की। वैश्विक बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सतर्कता अभी भी बनी हुई है।
उनके अनुसार, बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक जारी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। अब तक अधिकांश कंपनियों के नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे हैं। यदि यह मजबूती विभिन्न क्षेत्रों में बनी रहती है और वैश्विक जोखिम कम होते हैं, तो बाजार की रिकवरी आगे भी जारी रह सकती है।
With inputs from IANS