





नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा के बाद मंगलवार को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान एलआईसी का शेयर करीब 8 प्रतिशत टूटकर 390.70 रुपये तक पहुंच गया। सुबह 10:40 बजे तक शेयर लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 397.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
सरकार ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी घटाने का फैसला किया है। इसके तहत पहले चरण में कंपनी की 2.5 प्रतिशत चुकता इक्विटी हिस्सेदारी बेची जाएगी। साथ ही ग्रीनशू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का भी प्रावधान रखा गया है।
यदि पूरा 6.5 प्रतिशत हिस्सा बिक जाता है तो सरकार को इससे करीब 31,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है।
निवेशकों की चिंता की एक बड़ी वजह OFS का फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर रखा जाना भी है, जो सोमवार के बंद भाव से लगभग 11 प्रतिशत कम है। रियायती मूल्य और बाजार में बड़ी संख्या में शेयर आने की संभावना के कारण एलआईसी के शेयरों पर पूरे दिन दबाव बना रहा।
यह OFS मंगलवार को गैर-खुदरा (नॉन-रिटेल) निवेशकों के लिए खुल गया, जबकि खुदरा (रिटेल) निवेशक बुधवार से इसमें आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि, सरकार का यह कदम एलआईसी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) नियमों का पालन करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी 96.5 प्रतिशत है, जबकि आम निवेशकों के पास केवल 3.5 प्रतिशत शेयर हैं। यदि सरकार पूरी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच देती है तो उसकी हिस्सेदारी घटकर 90 प्रतिशत रह जाएगी।
सेबी ने एलआईसी को मई 2027 तक न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का पालन करने के लिए सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत तक लाने की समय-सीमा दी है।
With inputs from IANS
