पश्चिम एशिया संकट के बीच राहत: 62 भारत आने वाले जहाज सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य से निकले, 4,052 नाविकों की हुई वतन वापसीBy Admin Fri, 07 August 2026 04:35 PM









नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने समुद्री सुरक्षा को लेकर राहत भरी जानकारी दी है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा में बताया कि 3 अगस्त तक भारत आने वाले 62 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पार कर चुके हैं। इनमें 23 भारतीय ध्वज वाले और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र से अब तक 4,052 भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की सुरक्षित स्वदेश वापसी कराई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (DGMA) लगातार सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश अपडेट कर रहा है, ताकि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हाल के दिनों में व्यापारिक जहाजों पर बढ़े हमलों के मद्देनज़र महानिदेशालय नौवहन (Directorate General of Shipping) ने सभी जहाजों पर अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं बंदरगाह सुरक्षा संहिता (ISPS Code) के तहत पूर्ण सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली यात्राओं पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने की सलाह भी जारी की गई है।

इसके अलावा, ब्लैक सी (Black Sea) में भारतीय नाविकों के साथ संचालित भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाजों के लिए विशेष सतर्कता बरतने, यात्रा-विशिष्ट सुरक्षा आकलन करने और किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य, दक्षिणी लाल सागर और यमन से सटे समुद्री क्षेत्रों में परिचालन कर रहे जहाजों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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सोनोवाल ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संकट शुरू होने के बाद सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें 24×7 कंट्रोल रूम, जहाजों और नाविकों का लाइव डेटाबेस, तथा हर 24 घंटे में सिचुएशन रिपोर्ट (SITREP) जारी करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि eNavik पोर्टल के माध्यम से समुद्री दुर्घटनाओं की रिपोर्टिंग, संकट प्रबंधन और नाविकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किया गया है।

मंत्री के अनुसार, DGMA, विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में भारतीय मिशनों तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों के साथ मिलकर लगातार समन्वय बनाए हुए है। प्रभावित नाविकों के परिवारों से भी निरंतर संपर्क रखा जा रहा है। किसी नाविक की मृत्यु की स्थिति में सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसायटी के माध्यम से तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

 

With inputs from IANS