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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में पिछले डेढ़ दशक में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2009-10 के 1.5 लाख यूनिट से बढ़कर 2025-26 में 25 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे नई पीढ़ी की मोबिलिटी और बदलती भारतीय अर्थव्यवस्था की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया।
लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बायोइकोनॉमी, एविएशन और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों का विस्तार युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खोल रहा है।
पीएम मोदी के अनुसार, 2009-10 में देश में महज 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई थी, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 25 लाख हो गया। यानी इस अवधि में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में करीब 1,567 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 16 गुना तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री इस बात का संकेत है कि भारत तेजी से नई तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से आने वाले वर्षों में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने तथा स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने देश की बायोइकोनॉमी में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत की बायोइकोनॉमी का कारोबार करीब 60,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 20 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे उभरता हुआ ऐसा क्षेत्र बताया, जिसमें युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अनुकूल नीतियों और युवाओं की क्षमता ने इन नए क्षेत्रों के विस्तार को गति दी है। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीक और उभरते क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता तेजी से बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने विमानन क्षेत्र में भी तेजी से हो रहे विस्तार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में नए हवाईअड्डे बनाए जा रहे हैं, नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। विमान रखरखाव और ओवरहॉल से जुड़े कामों में कुशल युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब घरेलू स्तर पर विमान निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इससे एविएशन सेक्टर में केवल यात्रियों और एयरलाइंस तक सीमित अवसरों के बजाय निर्माण, रखरखाव, तकनीकी सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि एक संबंधित योजना से करीब 3.25 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं और लगभग 140 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को अनलॉक किया गया है।
पीएम मोदी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से लेकर बायोइकोनॉमी, विमानन और ड्रोन तकनीक तक उभरते क्षेत्रों का विस्तार भारत की अर्थव्यवस्था में नए अवसरों का संकेत है। इन क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और नए व्यवसायों की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
With inputs from IANS