भारत के सेवा क्षेत्र ने पकड़ी रफ्तार, अगस्त में पीएमआई बढ़कर 54.1; रोजगार वृद्धि 15 महीने के उच्च स्तर परBy IANS Thu, 03 September 2026 11:46 AM

Photo: IANS

भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अगस्त के दौरान सुधार देखने को मिला। मजबूत घरेलू मांग और नए कारोबार में लगातार बढ़ोतरी के बीच सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की रफ्तार तेज हुई। इस दौरान रोजगार सृजन भी बढ़कर 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

गुरुवार को जारी एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई के आंकड़ों के अनुसार, मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स जुलाई के 53.3 से बढ़कर अगस्त में 54.1 हो गया। यह सेवा क्षेत्र में विस्तार की गति तेज होने का संकेत है।

आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में सेवा कंपनियों को लगातार मजबूत मांग का लाभ मिला। नए कारोबार में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनियों ने विपणन गतिविधियों और ग्राहकों की बेहतर मांग को कारोबार में तेजी का प्रमुख आधार बताया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी भारतीय सेवा क्षेत्र को समर्थन मिला। अगस्त में नए निर्यात ऑर्डर में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई और इसकी गति लगभग जुलाई के समान रही। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बाजारों से भारतीय कंपनियों को अधिक कारोबार मिलने की जानकारी सर्वे में सामने आई।

सेवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का सीधा असर रोजगार पर भी दिखाई दिया। करीब 11 प्रतिशत सर्वेक्षण प्रतिभागियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की जानकारी दी। रोजगार सृजन की गति 15 महीने में सबसे तेज रही। कंपनियों ने ग्राहक सेवा, बिक्री और डिजिटल संचालन की बढ़ती जरूरतों को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रमुख कारण बताया।

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि अगस्त में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी आई और इसे उत्पादन तथा नए कारोबार में मजबूत वृद्धि का समर्थन मिला।

उन्होंने कहा कि रोजगार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई और नौकरी सृजन 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, कंपनियों पर कीमतों का दबाव बढ़ा, लेकिन इसमें तेजी फिलहाल सीमित रही।

इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त में 54.3 पर रहा, जो जुलाई के समान है। सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि ने विनिर्माण क्षेत्र की धीमी पड़ती गतिविधियों के प्रभाव को संतुलित किया।

समग्र रोजगार की बात करें तो सेवा क्षेत्र में मजबूत नियुक्तियों ने विनिर्माण क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या में आई कमी की भरपाई कर दी। इससे संयुक्त रोजगार वृद्धि की दर 14 महीनों में सबसे तेज हो गई।

कंपोजिट स्तर पर नए ऑर्डरों की कुल मात्रा में भी पिछले महीने की तुलना में तेज वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कंपनियों की इनपुट लागत में बढ़ोतरी की दर घटकर सात महीने के निचले स्तर पर आ गई।

सेवा क्षेत्र में नए कारोबार, निर्यात ऑर्डर और रोजगार में सुधार को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। खास तौर पर रोजगार में तेज वृद्धि बताती है कि कंपनियां बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी परिचालन क्षमता बढ़ा रही हैं। हालांकि, आने वाले महीनों में घरेलू मांग, वैश्विक कारोबारी परिस्थितियों और लागत दबाव की दिशा सेवा क्षेत्र की गति के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।