पहली तिमाही में 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि, सभी क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था को गतिBy IANS Fri, 04 September 2026 08:01 PM

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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के चेयरमैन और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय कलंत्री ने शुक्रवार को कहा कि यह वृद्धि पहले लगाए गए करीब 6.5 फीसदी के अनुमानों से काफी अधिक है।

मुंबई स्थित एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में निवेश और व्यापार को लेकर ओमान के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद आईएएनएस से बातचीत में कलंत्री ने कहा कि अप्रैल से जून के दौरान अर्थव्यवस्था के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण माल ढुलाई की लागत बढ़ने जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया। ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स और कपड़ा क्षेत्र सहित कई उद्योगों ने इस दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

भारत-ओमान व्यापार बढ़ाने पर जोर

कलंत्री ने भारत और ओमान के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की व्यापक संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत कारोबारी संबंध रहे हैं और मौजूदा करीब 11 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग, बुनियादी ढांचा, शिपिंग, समुद्री सेवाओं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

कलंत्री के अनुसार, ओमान के आधुनिक बंदरगाह, हवाई अड्डे और मजबूत लॉजिस्टिक्स ढांचा भारतीय कंपनियों के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि 2025 में भारत और ओमान के बीच हुआ द्विपक्षीय व्यापार समझौता दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को रणनीतिक बढ़त देता है। अब केवल बातचीत तक सीमित रहने के बजाय व्यापार, निवेश, संयुक्त उपक्रम और मजबूत कारोबारी साझेदारी के जरिए ठोस परिणाम हासिल करने पर ध्यान देने की जरूरत है।

ओमान में निवेश के बढ़ते अवसर

मदायन के आधिकारिक प्रवक्ता और मार्केटिंग एवं वाणिज्यिक मामलों के महानिदेशक खालिद सुलेमान अल-सालेह ने कहा कि ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और मजबूत औद्योगिक आधार भारतीय निवेशकों के लिए कई नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एल्युमीनियम, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज एवं खनन, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

ओमान विजन 2040 के तहत खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, पॉलिमर, ऑटोमोबाइल, खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अल-सालेह ने कहा कि पात्र गतिविधियों में विदेशी निवेशकों को 100 फीसदी स्वामित्व, लंबी अवधि के औद्योगिक पट्टे और अन्य निवेश प्रोत्साहनों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

भारत की मजबूत घरेलू आर्थिक वृद्धि और ओमान की निवेश सुविधाओं तथा रणनीतिक स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को अगले चरण में ले जाने की व्यापक संभावनाएं हैं।