भारत का निर्यात अप्रैल-अगस्त में 399 अरब डॉलर पहुंचा, 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य पर नजरBy IANS Wed, 30 September 2026 03:23 PM

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भारत के निर्यात क्षेत्र ने 2026 में मजबूत रफ्तार दिखाई है। अप्रैल से अगस्त के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात करीब 399 अरब डॉलर पहुंच गया है। इससे चालू वर्ष में 1 ट्रिलियन डॉलर के कुल निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की संभावनाओं को मजबूती मिली है।

European Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के निर्यात में केवल पारंपरिक बाजारों में ही वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका, पूर्वी एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। चीन जैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में भी भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ना इस विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान सिंगापुर को भारत का निर्यात 96 प्रतिशत, मलेशिया को 74 प्रतिशत, चीन को 39 प्रतिशत और तंजानिया को 129 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, अमेरिका को निर्यात में भी 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में भारत का वस्तु निर्यात 17.8 प्रतिशत बढ़कर 216 अरब डॉलर हो गया, जबकि सेवाओं का निर्यात 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 183 अरब डॉलर पहुंच गया। इस तरह भारत के निर्यात को दो प्रमुख क्षेत्रों—वस्तुओं और सेवाओं—से एक साथ मजबूती मिल रही है।

गैर-पेट्रोलियम निर्यात में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली। अप्रैल-अगस्त के दौरान यह 181 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। यदि पेट्रोलियम के साथ-साथ रत्न एवं आभूषण को भी अलग कर दिया जाए, तो निर्यात 15 प्रतिशत बढ़कर 169 अरब डॉलर रहा। इससे संकेत मिलता है कि निर्यात वृद्धि केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों या वस्तुओं तक सीमित नहीं है।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र इस बदलाव के प्रमुख उदाहरणों में शामिल है। अगस्त 2025 में इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात 2.9 अरब डॉलर था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 5.5 अरब डॉलर हो गया। यानी एक साल में इसमें करीब 89.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में यह उछाल भारत की वैश्विक वैल्यू चेन और तकनीक आधारित विनिर्माण में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, अगली चुनौती घरेलू स्तर पर अधिक मूल्यवर्धन बढ़ाने की होगी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, डिजाइन, रिसर्च, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण की भूमिका अहम होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सेवा निर्यात, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग उत्पादों में तेज वृद्धि तथा उभरते बाजारों में बढ़ती मांग भारत के निर्यात आधार को अधिक व्यापक बना रही है।

यदि वस्तु निर्यातक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मौजूदा गति बनाए रखते हैं और सेवा क्षेत्र की मजबूती कायम रहती है, तो वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत का निर्यात आधार धीरे-धीरे अधिक विविध, विनिर्माण-केंद्रित और वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप बन रहा है। हालांकि, 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए आने वाले महीनों में इसी गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।