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निजी क्षेत्र के देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 20.1 प्रतिशत बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 12,359 करोड़ रुपये था।
30 सितंबर को समाप्त तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 18 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि में यह 21,529 करोड़ रुपये थी। वहीं, परिचालन मुनाफा 18.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,575 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 17,298 करोड़ रुपये था।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात जून तिमाही के 1.38 प्रतिशत से घटकर सितंबर तिमाही में 1.2 प्रतिशत रह गया। शुद्ध एनपीए अनुपात भी पिछली तिमाही के 0.35 प्रतिशत से सुधरकर 0.30 प्रतिशत पर आ गया।
बैंक ने सितंबर तिमाही में प्रावधानों के लिए 851 करोड़ रुपये रखे, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह राशि 914 करोड़ रुपये और जून तिमाही में 1,260 करोड़ रुपये थी।
हालांकि, बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में गिरावट आई। यह जून तिमाही के 4.36 प्रतिशत से घटकर सितंबर तिमाही में 4.18 प्रतिशत रह गया।
इस बीच, आईसीआईसीआई बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास गैर-कार्यकारी अंशकालिक चेयरपर्सन के रूप में प्रदीप कुमार सिन्हा की नियुक्ति अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया है। बैंक ने 1 जुलाई 2027 से 16 फरवरी 2029 तक उनके कार्यकाल को जारी रखने की मंजूरी मांगी है। बैंक के अनुसार, प्रस्तावित अवधि स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनके उस कार्यकाल के भीतर आती है, जिसे बोर्ड और शेयरधारक पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।
शेयर बाजार में शुक्रवार को बीएसई पर आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,396.80 रुपये पर बंद हुआ। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,479.90 रुपये और न्यूनतम स्तर 1,187.55 रुपये रहा।