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जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को बुधवार को बोली के पहले ही दिन पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया और शाम 3:15 बजे तक यह ऑफर के 2.5 गुना तक सब्सक्राइब हो चुका था।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा 7.46 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) का हिस्सा 1.32 गुना भरा, जबकि रिटेल निवेशक श्रेणी में अब तक 60 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन हुआ।
इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.16 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें 2,23,41,376 शेयरों के मुकाबले 2,59,57,068 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इसी तरह कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा भी पूरी तरह भर गया।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 3:15 बजे तक देश के अब तक के सबसे बड़े पब्लिक ऑफर को कुल मिलाकर 2.5 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 49.56 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
इसी सप्ताह की शुरुआत में कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर राउंड में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ और पेंशन फंड्स ने हिस्सा लिया, जिनमें सिंगापुर का जीआईसी, नॉर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, पीएसपी इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं।
घरेलू संस्थागत निवेशकों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने भी हिस्सा लिया। बीमा और पेंशन फंड्स में भारतीय जीवन बीमा निगम, एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और यूटीआई पेंशन ने भी भागीदारी की।
यह आईपीओ 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऑफर में 27 करोड़ तक नए शेयर शामिल हैं।
शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर तक तय होने की संभावना है, और शेयरों को 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।
पहले दिन के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का भरोसा इस आईपीओ पर मजबूत है, खासकर संस्थागत निवेशकों की तरफ से, जिन्होंने क्यूआईबी हिस्से को 7 गुना से ज्यादा भर दिया। रिटेल श्रेणी में सब्सक्रिप्शन अभी 60 प्रतिशत है, लेकिन 23 अक्टूबर तक बोली खुली रहने के कारण आखिरी दो दिनों में इसके तेजी पकड़ने की उम्मीद है। एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी और देश के सबसे बड़े आईपीओ का दर्जा मिलने से यह पेशकश पूंजी बाजार के लिए एक बड़ा परीक्षण भी है, क्योंकि इसका आकार और सफलता आगे आने वाले बड़े पब्लिक इश्यूज के लिए माहौल तय करेगी।