
मुंबई। अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने स्वीकार किया है कि मलयालम भाषा में काम करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इतनी कठिन भाषा सीखने और बोलने के बाद वह फिलहाल दोबारा मलयालम फिल्मों में हाथ आजमाने के बारे में नहीं सोच रही हैं।
तेलुगु फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ से दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखने वाली जाह्नवी ने हाल ही में मलयालम फिल्म ‘परम सुंदरी’ में भी काम किया है। कई भाषाओं में काम करने के अनुभव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह नई भाषाएं सीखने की इच्छुक हैं, लेकिन मलयालम उनके लिए सबसे कठिन साबित हुई।
जाह्नवी ने कहा कि मलयालम बेहद खूबसूरत और मधुर भाषा है, लेकिन इसे बोलना और समझना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि तमिल और तेलुगु भाषाओं की ध्वनियों से वह पहले से कुछ हद तक परिचित रही हैं, इसलिए उन भाषाओं में काम करना अपेक्षाकृत सहज लगता है।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्हें तेलुगु फिल्मों में काम करने में काफी आनंद आ रहा है और भविष्य में वह तमिल सिनेमा में भी अपनी संभावनाएं तलाशना चाहेंगी।
जाह्नवी की आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ है, जिसका निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया है। फिल्म में उनके साथ बोमन ईरानी, शिव राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्येंदु भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
हिंदी सिनेमा की बात करें तो जाह्नवी हाल ही में ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में दिखाई दी थीं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से की थी। इसके बाद ‘गुंजन सक्सेना’, ‘मिली’ और ‘देवरा: पार्ट 1’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया। हाल में फिल्म ‘होमबाउंड’ में सामाजिक भेदभाव से जूझ रही एक युवती की भूमिका निभाकर भी उन्होंने दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।
With inputs from IANS