फिल्मों के नुकसान पर कंगना रनौत की राय, बोलीं- कमाई घटे तो खर्चों पर सवाल उठना स्वाभाविकBy Admin Fri, 12 June 2026 01:48 PM

मुंबई: अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत का मानना है कि जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो उसके हर खर्चे की समीक्षा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि फिल्मों को बदलते समाज और दर्शकों की पसंद के साथ खुद को लगातार विकसित करना होगा।

आईएएनएस से खास बातचीत में कंगना से पूछा गया कि क्या बड़े सितारों द्वारा ली जाने वाली भारी-भरकम फीस फिल्मों के घाटे का एक कारण बनती है। इस पर उन्होंने कहा कि जब किसी प्रोजेक्ट से अपेक्षित कमाई नहीं होती, तो उसके खर्चों पर सवाल उठना लाजिमी है।

कंगना ने कहा, “जब कोई फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो दांव बहुत बड़े होते हैं। अगर आपकी आमदनी कम हो जाए, तो आप भी अपने खर्चों को उसी हिसाब से नियंत्रित करेंगे। इसलिए मुझे लगता है कि फिल्मों को समय के साथ बदलना होगा। जिस तरह समाज बदल रहा है, उसी तरह सिनेमा को भी खुद को लगातार विकसित करना चाहिए।”

उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म उद्योग को दर्शकों की बदलती रुचियों और बाजार की वास्तविकताओं को समझते हुए नए तरीके अपनाने होंगे।

वहीं, कंगना की आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की सह-कलाकार Smita Tambe स्मिता तांबे ने कहा कि किसी भी कहानी की सफलता उसकी प्रासंगिकता पर निर्भर करती है। दर्शक उन कहानियों से जुड़ना चाहते हैं, जिनमें उन्हें अपने जीवन की झलक दिखाई दे।

स्मिता ने कहा, “मेरा मानना है कि हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में खुद को कहानी से जोड़ना चाहता है। सिनेमा और आम दर्शकों के बीच यह जुड़ाव जितना मजबूत होगा, फिल्में उतनी ही ज्यादा लोगों को आकर्षित करेंगी।”

उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें आम महिलाओं, माताओं, नर्सों और मेहनतकश वर्ग के लोगों के जीवन को दिखाया गया है, जिससे दर्शक आसानी से खुद को कहानी से जोड़ पाएंगे।

स्मिता के अनुसार, “जितना यह संबंध और प्रासंगिकता बढ़ेगी, उतना ही दर्शक सिनेमा के करीब आएंगे।”

कंगना और स्मिता की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ आम लोगों के संघर्षों और उनके जीवन से जुड़े पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करती है, जिसे लेकर दोनों कलाकार काफी उत्साहित हैं।
 

 

WIth inputs from IANS