





नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) गुरुवार को वापस ले ली। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान जैकलीन ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
जैकलीन ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अभियोजन शिकायत को रद्द करने से इनकार किया गया था। साथ ही उन्होंने निचली अदालत द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी थी।


इससे पहले 11 जून को यह मामला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, न्यायमूर्ति मिश्रा ने यह बताते हुए स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था कि उनके पुत्र एक संबंधित मामले में सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं। इसके बाद मामला नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।
इस मामले में जैकलीन पहले ही दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार कर चुकी हैं और उन्होंने मुकदमे का सामना करने की इच्छा जताई है। 3 जून को अदालत में पेश होकर उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था और मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर करने की बात कही थी।
निचली अदालत ने इस मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल और 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए हैं। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले जैकलीन ने इस मामले में सरकारी गवाह (एप्रूवर) बनने के लिए दायर अपनी अर्जी भी वापस ले ली थी। ईडी ने उस अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि जांच के दौरान उनका सहयोग संतोषजनक नहीं रहा और उन्होंने पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों में पूरी और सही जानकारी नहीं दी।


ईडी का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी मिलने के बाद भी जैकलीन उनके संपर्क में बनी रहीं और जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं किया। जांच एजेंसी के अनुसार, सुकेश ने कथित अपराध से अर्जित धन के जरिए जैकलीन को करीब सात करोड़ रुपये के महंगे उपहार, आभूषण और अन्य लग्जरी सामान दिए थे।
हालांकि, जैकलीन लगातार यह कहती रही हैं कि उन्हें सुकेश की कथित आपराधिक गतिविधियों या उपहारों के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की कोई जानकारी नहीं थी।
यह मामला सुकेश चंद्रशेखर पर रणबक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपों से जुड़ा है।
With inputs from IANS
