शालिनी पांडे का फर्जी AI वीडियो वायरल, अभिनेत्री बोलीं- तकनीक के दुरुपयोग को सामान्य नहीं बनने देना चाहिएBy IANS Tue, 01 September 2026 11:35 AM

Photo: IANS

अभिनेत्री शालिनी पांडे ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक फर्जी वीडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन प्रसारित किया जा रहा वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया पूरी तरह से fabricated वीडियो है और उसमें वह नहीं हैं।

हाल ही में धनुष की फिल्म 'इडली कड़ाई' में अहम भूमिका में नजर आईं शालिनी ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस फर्जी वीडियो को आगे प्रसारित करने के बजाय तत्काल रिपोर्ट करें।

शालिनी ने लिखा, "मैं अपने एक फर्जी AI-जनरेटेड वीडियो को लेकर बात करना चाहती हूं, जो इस समय ऑनलाइन प्रसारित किया जा रहा है। यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसमें मैं नहीं हूं।"

अभिनेत्री ने तकनीक के इस तरह के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को निशाना बनाने और उसे नुकसान पहुंचाने के लिए तकनीक का दुरुपयोग बेहद परेशान करने वाला है। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं को इस तरह निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, "यह बेहद परेशान करने वाली बात है कि तकनीक का इस तरह दुरुपयोग कर लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। मैं इस तरह के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करती हूं और मेरा मानना है कि तकनीक के गलत इस्तेमाल को कभी सामान्य नहीं बनने देना चाहिए।"

शालिनी ने अपने प्रशंसकों और आम लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर किसी को यह वीडियो दिखाई देता है तो उसे शेयर, फॉरवर्ड या डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

अभिनेत्री ने लोगों से कहा, "अगर आपको यह वीडियो दिखाई देता है तो कृपया इसे शेयर, फॉरवर्ड या डाउनलोड न करें और न ही इसके साथ किसी तरह जुड़ें। इसके बजाय तुरंत इसकी रिपोर्ट करें। मैं सभी से जिम्मेदारी और समझदारी दिखाने की अपील करती हूं। इसकी पहुंच बढ़ाने के बजाय इसके प्रसार को रोकने में मदद करें।"

AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस तरह के फर्जी वीडियो को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो में हेरफेर कर तैयार किए गए डीपफेक और AI-जनरेटेड कंटेंट न केवल उसकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर अपराध का जरिया भी बन सकते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स की जिम्मेदारी भी अहम हो जाती है कि वे संदिग्ध सामग्री को आगे न बढ़ाएं।

शालिनी पांडे इससे पहले भी अपने जीवन और करियर को लेकर खुलकर बात करती रही हैं। फरवरी में आईएएनएस से विशेष बातचीत में उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की थी।

अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए शालिनी ने कहा था कि घर छोड़कर अपने सपनों को पूरा करने का फैसला उनकी जिंदगी के सबसे अच्छे फैसलों में से एक था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्होंने अपने सपने का पीछा नहीं किया होता और कुछ और किया होता तो शायद वह खुश नहीं रहतीं।

'अर्जुन रेड्डी' से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री ने यह भी बताया था कि फिल्म उद्योग ने उन्हें धैर्य और खुद पर विश्वास करना सिखाया है। उनके मुताबिक जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए धैर्य और निरंतरता बेहद जरूरी है।

शालिनी ने कहा था कि यह सीख सिर्फ फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में काम आती है। समय के साथ उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है और वह मानती हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता और विकास के लिए लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है।

फिलहाल शालिनी के फर्जी AI वीडियो को लेकर उनका संदेश साफ है—ऐसी सामग्री को मनोरंजन या जिज्ञासा के नाम पर आगे बढ़ाने के बजाय उसकी रिपोर्टिंग की जानी चाहिए, क्योंकि एक क्लिक या शेयर किसी व्यक्ति की निजी और पेशेवर जिंदगी पर गंभीर असर डाल सकता है।