
‘पद्मावत’ को रिलीज हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन फिल्म का जौहर वाला दृश्य एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी हैं अभिनेत्री स्वरा भास्कर, जिन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म में जौहर के चित्रण पर अपनी पुरानी आपत्ति फिर सामने रखी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान स्वरा ने कहा कि जौहर को जिस तरह से पर्दे पर दिखाया गया, उससे महिलाओं को लेकर एक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी महिला के साथ बलात्कार या यौन हिंसा होती है, तो क्या इसके बाद उसकी जिंदगी खत्म मान ली जानी चाहिए? स्वरा का कहना था कि किसी महिला के सम्मान को सिर्फ उसकी शारीरिक पवित्रता से जोड़ना सही नहीं है।
स्वरा ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी अपराध की पीड़िता को जिंदगी से हार मान लेने के संदेश के बजाय उसे सम्मान और गरिमा के साथ आगे बढ़ने की बात कही जानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर समाज में यौन हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, तो फिल्मों और कहानियों के जरिए महिलाओं तक आखिर किस तरह का संदेश पहुंचना चाहिए।
गौरतलब है कि ‘पद्मावत’ की रिलीज के समय भी स्वरा भास्कर ने फिल्म को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने संजय लीला भंसाली को खुला पत्र लिखकर फिल्म के अंत में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाए थे। अब एक बार फिर अपने बयान के जरिए उन्होंने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर उनका नजरिया बदला नहीं है।
लेकिन स्वरा का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर मामला गरमा गया। कई यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जौहर को आज के नजरिए से नहीं, बल्कि उस दौर की परिस्थितियों और ऐतिहासिक संदर्भ में समझने की जरूरत है। वहीं कुछ लोगों ने स्वरा के सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं की जिंदगी और सम्मान को किसी भी परिस्थिति में केवल उनकी शारीरिक पवित्रता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
इस तरह ‘पद्मावत’ का पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। बहस सिर्फ स्वरा के बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इतिहास, सिनेमा में उसके चित्रण और महिलाओं की गरिमा को लेकर दो अलग-अलग नजरिए आमने-सामने आ गए हैं।