
देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के तहत देवघर पुलिस ने 10 फरवरी 2026 को सारठ थाना क्षेत्र के पूर्णी करहैया जंगल इलाके से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ के निर्देश पर तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजा कुमार मित्रा के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक जंगल क्षेत्र से फ्लिपकार्ट, अमेजन और एयरटेल पेमेंट बैंक जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर मौके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने गूगल पर कस्टमर केयर सेवाओं के नाम पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड कर रखे थे। जब अनजान ग्राहक सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क करते थे, तो उन्हें कैशबैक या समस्या के त्वरित समाधान का झांसा दिया जाता था। इसके बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों से कैशबैक के नाम पर फोनपे या पेटीएम गिफ्ट कार्ड बनवाकर उन्हें खुद रिडीम कर लिया जाता था।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को भ्रमित करते थे। वे ग्राहकों को बताते थे कि उनका बैंक कार्ड ब्लॉक हो गया है और एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए उसे दोबारा चालू कराने का झांसा देकर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। कई मामलों में आरोपियों ने पीएम किसान योजना, एसबीआई क्रेडिट कार्ड सेवा और लोन स्वीकृति के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर भी लोगों से बैंक संबंधी जानकारी ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन कुमार दास (उम्र लगभग 19 वर्ष), निवासी खरबाजोरी, थाना सारठ, तथा अजीत दास (उम्र लगभग 21 वर्ष), निवासी रुपाबाद, थाना पथरौल, के रूप में हुई है। दोनों देवघर जिले के रहने वाले हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त उपकरणों की जांच की जा रही है और जांच के दौरान और ठगी के मामलों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
यह छापेमारी साइबर थाना देवघर के निरीक्षक नागेंद्र प्रसाद सिन्हा और अवर निरीक्षक वीरेंद्र उरांव सहित अन्य सशस्त्र पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इंटरनेट पर उपलब्ध अज्ञात कस्टमर केयर नंबरों पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर ठगी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।