जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा में छूट मांगने वाले अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से अंतरिम राहतBy Admin Thu, 12 February 2026 06:54 PM

रांची – झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा में छूट की मांग करने वाले 22 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है।

गुरुवार को किशोर कुमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन ने जेपीएससी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन स्वीकार किए जाएं, ताकि उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर न किया जाए। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि उनके परिणामों की घोषणा और नियुक्ति अंतिम न्यायिक आदेश पर निर्भर करेगी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने दलील दी कि 2021 की भर्ती नियमावली के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा हर वर्ष आयोजित की जानी चाहिए। परीक्षा के अनियमित आयोजन के कारण कई अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पार कर गए और उन्हें आयु में छूट नहीं दी गई।

याचिका में यह भी कहा गया कि पिछली दो परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट दी गई थी, लेकिन वर्तमान परीक्षा के लिए अधिकतम आयु निर्धारण की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 तय कर दी गई है। इससे कई अभ्यर्थी अयोग्य हो गए हैं, जबकि देरी पूरी तरह आयोग के कारण हुई है।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आयोग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के आवेदन स्वीकार किए जाएं, ताकि उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिल सके। उनकी भागीदारी अंतिम न्यायालयीय निर्णय के अधीन रहेगी।

मामले की अगली सुनवाई की तिथि बाद में तय की जाएगी।

हाल ही में जेपीएससी ने 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी से शुरू हुई है और 14 फरवरी तक चलेगी। परीक्षा शुल्क का भुगतान 16 फरवरी शाम 5 बजे तक किया जा सकेगा।

इस परीक्षा के माध्यम से कुल 103 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 28 डिप्टी कलेक्टर, 42 डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, 10 राज्य जनसंपर्क पदाधिकारी, 10 सहायक नगर आयुक्त/कार्यपालक पदाधिकारी, चार प्रोबेशन अधिकारी, तीन सहायक निदेशक (महिला एवं बाल विकास), दो जेल अधीक्षक, दो जिला अधीक्षक और दो सहायक निबंधक के पद शामिल हैं।

 

With nputs from IANS