
रांची: राजधानी रांची में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि शहर की सरकार के चुनाव का समय तय होने वाला है, लेकिन जिस तरह से विभिन्न राजनीतिक दल अपने नेताओं को दलीय रंग में उतार रहे हैं, वह निर्वाचन आयोग के नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर खुलेआम राजनीतिक रंग दिखाई दे रहा है। खासतौर पर रांची की मेयर पद की एक उम्मीदवार के पोस्टरों में सांप्रदायिक तत्वों का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो को छोड़कर कोई भी दल निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो हमेशा दलीय चेतना के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लेता रहा है, लेकिन अब कुछ लोग खुलेआम आचार संहिता की अनदेखी कर रहे हैं।
“हम लोग हमेशा दलीय आधार पर चुनाव लड़ते आए हैं, लेकिन अब खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है। खासकर भारतीय जनता पार्टी आचार संहिता का पालन नहीं कर रही है। अब हमारे सब्र का बांध टूट रहा है।”
उन्होंने रांची के व्यापारी वर्ग का भी जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ने देश के बाहर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में राज्य का प्रतिनिधित्व किया, तब व्यापारियों ने राज्य के विकास में अपनी भागीदारी दिखाई। ऐसे में राजधानी के व्यापारियों को भी खुलकर अपनी रुचि और भूमिका दिखानी चाहिए।
नगर निकाय चुनाव से पहले सियासी बयानबाज़ी तेज हो चुकी है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।