धर्म परिवर्तन कराने वालों को गांव में बोर्ड लगाकर रोके ग्राम सभा : रघुवर दासBy Admin Fri, 20 February 2026 05:00 PM

रांची: माननीय उच्चतम न्यायालय ने आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए जो निर्णय दिया है, यह बहुत ही स्वागतयोग्य निर्णय है। इस निर्णय में माननीय उच्चतम न्यायालय में उच्च न्यायालय के बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया कि धर्म परिवर्तन के लिए यदि कोई गांव में आता है तो पेसा अधिनियम के अंतर्गत ग्राम सभा को अधिकार है कि उन्हें गांव में प्रवेश से रोका जाए।

इस निर्णय के बाद धर्म परिवर्तन के धंधे पर रोक लगेगी। उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहीं। उन्होंने कहा कि झारखंड के भी सभी मानकी, मुंडा, पडहा, परगनैत  समेत सभी परंपरागत प्रधानों से अपील करता हूं कि वह भी पेसा अधिनियम के तहत अपनी ग्राम सभा से इस तरह का निर्णय पारित कराकर अपने गांव के बाहर बोर्ड लगाएं।

विदेशी धर्मों के लोग, जो आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को खत्म कर रहे हैं, उन्हें उनके गांवों में घुसने से रोका गया है। अगर हम आज नहीं जागे तो हमारा भविष्य, हमारी संस्कृति और हमारी परंपराएं सब खत्म हो जाएंगी। ध्यान देने वाली बात है कि सरकार ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के ज़रिए इस मामले में मज़बूती से केस पेश किया और कोर्ट ने साफ़ किया कि गांव की पंचायतें परंपराओं और सामाजिक ढांचे की रक्षा के लिए अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह फ़ैसला आदिवासी स्वशासन की सोच को मज़बूत करता है। झारखंड सरकार को भी इसे मज़बूती से लागू करना चाहिए।