
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई दो दिवसीय चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार अंगदान को लेकर एक प्रभावी और व्यापक कानून बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर केंद्र स्तर पर नीतियां और कानून मौजूद हैं, लेकिन उनका अपेक्षित लाभ जमीन पर पूरी तरह नहीं दिख रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार कानूनी ढांचे को मजबूत करेगी और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग प्रत्यारोपण की सुविधा मिल सके।
उन्होंने केरल के 10 महीने के बच्चे के हालिया अंगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज को मानवता का मजबूत संदेश देते हैं। “जीवन बचाने के लिए धर्म और जाति की सीमाएं खत्म हो जाती हैं। यह मानवता की सर्वोच्च मिसाल है,” उन्होंने कहा।
सोरेन ने दोहराया कि वर्ष 2050 तक झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का उनका सपना है और प्रस्तावित अंगदान कानून इसी व्यापक विकास दृष्टि का हिस्सा है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि बजट सत्र में विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं रखा। भाषण की शुरुआत के दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व की गलत नीतियों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है और सीमित संसाधनों के बावजूद सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
With inputs from IANS