असम में Su-30MKI विमान हादसे में दो IAF पायलटों की मौत पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोकBy Admin Fri, 06 March 2026 04:41 PM

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के दो पायलटों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मृत अधिकारियों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि इस दुखद घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

उन्होंने लिखा, “असम में Su-30 विमान दुर्घटना और हमारे वीर जवान स्क्वाड्रन लीडर अनुज तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन की खबर से अत्यंत दुखी हूं। देश के लिए उनकी सेवा और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इस कठिन समय में हम उनके साथ खड़े हैं। जय हिंद!”

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस हादसे में दोनों अधिकारियों की मौत पर गहरा दुख जताया।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि विमान दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की शहादत की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दोनों वीर अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को पुष्टि की कि गुरुवार को हुए हादसे में दोनों पायलटों को घातक चोटें आईं।

वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में वायुसेना के सभी कर्मी शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, Su-30MKI लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, तभी असम के करबी आंगलोंग क्षेत्र में, जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर, दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उड़ान के दौरान विमान का रडार संपर्क टूटने के बाद यह हादसा हुआ।

सुखोई-30MKI भारतीय वायुसेना के प्रमुख बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमानों में से एक है और देश की वायु सुरक्षा में इसकी अहम भूमिका है।

इससे पहले भी इस विमान से जुड़े कुछ हादसे सामने आए हैं। अगस्त 2019 में तेजपुर के पास एक Su-30MKI प्रशिक्षण मिशन के दौरान धान के खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, हालांकि दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे। वहीं मई 2015 में तेजपुर एयरफोर्स बेस से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक अन्य Su-30MKI विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें दोनों पायलटों ने सुरक्षित इजेक्ट कर लिया था।

 

With inputs from IANS