
सुनील सिंह / रांची: रांची की राजनीति में भाजपा ने एक बार फिर यह साबित किया है कि राजधानी उसका मजबूत और अभेद किला है। इस किले को भेदना मुश्किल है। नगर निकाय चुनाव में भाजपा के हजारीबाग सहित कई मजबूत किले ढह गए। लेकिन रांची सुरक्षित रहा।
पहले मेयर चुनाव में शानदार जीत हासिल की और अब डिप्टी मेयर में। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही कांग्रेस और झामुमो की ओर से यह दावा किया जा रहा था कि उसके सबसे अधिक पार्षद चुनाव जीत कर आए हैं। इसलिए डिप्टी मेयर उनका होगा। कांग्रेस की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और महानगर अध्यक्ष कुमार राजा सहित कई नेता कमान संभाले हुए थे। 37 पार्षदों का दावा किया जा रहा था। पार्षदों के सम्मान में रांची के महंगे होटल बीएनआर चाणक्य में रात्रि भोज भी दिया गया था।
रांची में 37 पार्षदों के समर्थन का दावा करने वाले महागठबंधन का हाल यह रहा कि उसने अपने किसी पुराने पार्षद के बदले होटल व्यवसायी परमजीत सिंह टिंकू को उम्मीदवार बनाया। परमजीत सिंह टिंकू वार्ड 44 से निर्वाचित हुए हैं। परमजीत सिंह टिंकू डिप्टी मेयर के लिए भाजपा में लॉबी करते रहे। भाजपा के सभी बड़े नेताओं से मिले। अपनी दावेदारी पेश की। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ सहित कई नेताओं के यहां हाजिरी लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश की। वह चाहते थे कि भाजपा उन्हें डिप्टी मेयर के लिए उम्मीदवार बनाए। लेकिन जब बात नहीं बनी तो वह महागठबंधन की ओर चले गए।
महागठबंधन की ओर से वह उम्मीदवार बनाए गए। लेकिन उनकी बुरी हार हुई। भाजपा समर्थित उम्मीदवार नीरज कुमार को 38 वोट मिले जबकि परमजीत सिंह टिंकू को सिर्फ 15 वोट मिले । यानी कांग्रेस और महागठबंधन की सारी रणनीति रांची में फेल हो गई। बड़े नेताओं को मुंहकी खानी पड़ी। भाजपा की रणनीति ने बाजी पलट दी। इस तरह भाजपा ने फिर साबित किया कि रांची उसका मजबूत किला है और यहां किसी की नहीं चलेगी। महागठबंधन के उम्मीदवार को सिर्फ 15 वोट मिलेंगे यह किसी ने सोचा भी नहीं था। मुकाबला एक तरफ रहा। डिप्टी मेयर के चुनाव में झामुमो ने पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस को आगे किया था। सारी रणनीति कांग्रेसी बना रही थी। लेकिन पूरी योजना फ्लॉप हो गई।
भाजपा ने पुराने कार्यकर्ता नीरज कुमार को आगे किया। नीरज पहली बार जीते हैं। नीरज के नाम पर कोई विरोध नहीं था, इसलिए भाजपा ने सीनियर पार्षदों के बजाय बहुत सोच समझ कर नीरज को आगे किया। इस चुनाव में महानगर अध्यक्ष वरुण साहू की भूमिका महत्वपूर्ण रही। प्रदेश नेतृत्व और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के मार्गदर्शन में उन्होंने योजना बनाई और उस पर काम किया।