जयराम के दावे में कितना है दम, समझिए सत्ता का समीकरणBy Admin Tue, 31 March 2026 08:43 AM

रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक ऐसा शिगूफा छोड़ दिया है जिसकी चर्चा हर तरफ है। झारखंड की राजनीति में अभी चर्चा इसी बात की है कि जयराम महतो आखिर किस आधार पर यह कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में झारखंड की सरकार बदल जाएगी। नई सरकार गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी विहीन होगी। जयराम महतो के दावे के संबंध में कई लोग हमसे लगातार पूछ रहे हैं। उनके दावे पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन यह संभव भी है। जयराम के दावे को खारिज नहीं जा सकता है। आग है तभी धुआं है। 

आखिर यह कैसे संभव है। इस दावे की मैंने अपने स्तर से पड़ताल की है। झारखंड विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 41 का है। 41 विधायक जिस गठबंधन या नेता के साथ होंगे सत्ता उसके पास होगी। अब यदि जयराम महतो के दावे को देखें तो बहुत हद तक यह संभव भी है। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों को छोड़ दें तो जेएमएम के 34, राजद 4, माले के  2 और निर्दलीय जय राम महतो खुद मिल गए तो आसानी से 41 का आंकड़ा पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में गैर भाजपा गैर कांग्रेस सरकार झारखंड में बन जाएगी। विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोक जनशक्ति पार्टी और आजसू का समर्थन भी ले सकते हैं। जदयू के एकमात्र विधायक सरयू राय तटस्थ की भूमिका में रह सकते हैं, या समर्थन भी दे सकते हैं। हालांकि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हेमंत सोरेन कांग्रेस को छोड़कर अलग से सरकार बनाते हैं तो वह कांग्रेस के विधायकों को भी तोड़ सकते हैं। कांग्रेस को तोड़ना उनके लिए आसान है। कई विधायकों से उनके अच्छे संबंध हैं। 

राजनीति में कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है। लेकिन जयराम महतो कह रहे हैं तो बहुत संभव है कि उनसे इस मुद्दे पर बात हो रही है। इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। निकट भविष्य में झारखंड की राजनीति में उलटफेर की पूरी संभावना है। अब यह किस रूप में सामने आएगा यह देखना होगा।

हेमंत सोरेन यदि झारखंड में कांग्रेस का साथ छोड़ते हैं तो वह कोई नया गठबंधन बना सकते हैं। भाजपा के साथ भी जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। 

मई में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने वाला है। यह यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से अहम साबित होने वाला है। जोड़तोड़ की राजनीति देखने को मिलेगी। झारखंड का राज्यसभा चुनाव पूरे देश में कई बार चर्चित हो चुका है। राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति में टर्निंग प्वाइंट हो सकता है।

 

By सुनील सिंह