Hazaribagh Case: BJP कनेक्शन या ध्यान भटकाने की साजिश?By Admin Fri, 03 April 2026 07:25 PM

रांची/सुनील सिंह : हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में नाबालिग बच्ची की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं… बल्कि मानवता और रिश्तों को तार-तार करने वाली एक दर्दनाक सच्चाई बनकर सामने आई है।

पुलिस ने इस मामले में जो खुलासा किया है, वह हैरान करने वाला है। लेकिन इस खुलासे के साथ ही कई बड़े सवाल भी खड़े हो गए हैं। पहला सवाल आरोपी भीम राम को लेकर है… और दूसरा सवाल इस घटना को नरबलि से जोड़ने को लेकर।

आरोपी भीम राम को लेकर दावा किया गया कि उसका संबंध बीजेपी से है। जैसे ही यह बात सामने आई, मामला पूरी तरह सियासी रंग लेता नजर आया। देशभर में इस मुद्दे पर बयानबाजी शुरू हो गई। विपक्ष ने बीजेपी को घेरना शुरू किया, तो वहीं बीजेपी ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि भीम राम पार्टी का कार्यकर्ता नहीं है और पार्टी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी अपराध को किसी पार्टी से जोड़कर देखने से उस अपराध की गंभीरता कम हो जाती है? सच यह है कि अपराधी की कोई जाति, धर्म या पार्टी नहीं होती… वह सिर्फ अपराधी होता है।

दूसरा बड़ा सवाल नरबलि की कहानी को लेकर है। कुछ लोग और पीड़ित परिवार इस पूरे मामले को पुलिस की बनाई कहानी बता रहे हैं। झारखंड में अंधविश्वास और ओझा-गुणी जैसी कुप्रथाएं पहले से ही एक गंभीर समस्या रही हैं।

हालांकि, इस मामले में बच्ची की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आई है। गला और नाक दबाने से मौत की पुष्टि हुई है। ऐसे में नरबलि के दावे पर भी सवाल उठना लाजमी है। पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं जो साफ नहीं हैं… और यही वजह है कि इस केस की निष्पक्ष और गहन जांच बेहद जरूरी है।

अब जरूरत है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा मिले। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। क्योंकि आखिर में… चर्चा राजनीति की नहीं, बल्कि अपराध और अपराधियों की होनी चाहिए।