राजनीति से ऊपर उठकर क्रांतिकारी निर्णय ले सरकार तभी होगा झारखंड का विकास : जयराम महतो By Admin Wed, 15 April 2026 05:45 PM

झारखंड: बिहार से अलग होने के बाद झारखंड का जिस तरह से विकास होना चाहिए था वह नहीं हुआ। इसे मूल मे है सरकार की गलत नीति। झारखंड की सत्ता पर सभी दल इन 26 वर्षों मे काबिज हो चुके हैं, लेकिन विकास को लेकर अबतक सही रोड मैप नहीं बनाया गया। वोट की राजनीति ने झारखंड को आगे नहीं बढ़ने दिया। पलायन, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार जैसी बीमारी झारखंड को खोखला कर रही है। इस प्रदेश का दुर्भाग्य है कि नौकरी के लिए परीक्षा आयोजित करनेवाली सबसे बड़ी संस्था मे पूरी तरह से जंग लगा हुआ है। यह कहना है जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का। रिपोर्टर पोस्ट के रेजिडेंट एडिटर ज्ञान रंजन से विशेष बातचीत में उन्होनें ये बातें कही। 
जयराम महतो ने कहा कि 26 वर्षों मे झारखंड को जहां पहुंचना चाहिए था अभी भी वह उससे कोसों दूर है। जरूरत है कि सरकार राजनीति से ऊपर उठकर क्रांतिकारी निर्णय ले। उन्होनें कहा कि झारखंड के साथ और दो प्रदेश बने थे, वहां विकास की बयार बह रही है। राज्य मे अबतक स्थानीय नीति नहीं बनी है। नियोजन नीति नहीं है। झारखंड के युवा नौकरी के अभाव मे पलायन को मजबूर हैं। आयेदिन राज्य के युवा सड़कों पर आंदोलन करते देखे जा रहे हैं। वजह है सरकार मे बैठे लोगों मे निर्णय लेने का अभाव। 26 वर्षों के झारखंड मे सभी राजनीतिक दल प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सत्ता मे रही है। विकास के नाम पर राजनीति कर सिर्फ राज्य की जनता को बरगलाने का काम किया जा रहा है। 
युवा राज्य मे युवाओं पर हो रहा है अत्याचार 
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड अब युवा राज्य हो गया है। इस प्रदेश का दुर्भाग्य है कि युवा राज्य मे सबसे ज्यादा अत्याचार युवाओं पर ही हो रहा है। रोजगार के नाम पर उन्हें चल जा रहा है। नियुक्ति परीक्षाओं मे प्रश्न पत्र गलत छापे जाते हैं। इतना ही नहीं लगातार यह देखा जा रहा है कि झारखंड मे पेपर लीक का मामला सामने आ रहा है। कौन है झारखंड का स्थानीय आजतक यह ते नहीं हो पाया है। 26 वर्षों मे सरकार अबतक अपनी निईजन नीति तक नहीं तैयार कर सकी है। समझ मे नहीं आता कि आखिर सरकार को सबसे ज्यादा युवाओं से ही क्यों नाराजगी है। 
लाखों युवा पलायन को मजबूर 
जयराम महतो ने कहा कि जिस प्रदेश मे देश की सबसे ज्यादा खनिज संपदा हो उस राज्य की सबसे बड़ी त्रासदी पलायन है। आज भी राज्य के लाखों युवा पलायन को मजबूर हैं। हर चौथे दिन झारखंड के एक मजदूर की दूसरे प्रदेश मे मौत होने की खबर आती है। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल तो पलायन के मामले मे राज्य मे अव्वल है। राज्य से पलायन को कैसे रोका जाए इसको लेकर सरकार आजतक कोई विचार नहीं कर सकी है। बार-बार सदन से लेकर सड़क तक इसको लेकर आंदोलन होता है मगर सत्ता मे बैठे लोगों ये सुनाई ही नहीं देता है। 
खुले दिल से औधयोगिक निवेश को आमंत्रित करना होगा 
जयराम महतो ने कहा कि खनिज संपदा के मामले मे झारखंड अव्वल है लेकिन खनिजों का दोहन राज्य के हिट मे नहीं हो रहा है। यही वजह है कि राज्य के युवा पलायन को मजबूर हैं। बेरोजगारी चरम पर है। जरूरत है कि सरकार खुले दिल से औधयोगिक निवेश को आमंत्रित करे ताकि राज्य मे रोजगार के अवसर मे वृद्धि हो। पलायन रुके। उन्होनें कहा कि झारखंड मे ना तो मानव संपदा की कमी है और ना ही खनिज संपदा की। आवश्यकता है कि कैसे एक बेहतर समन्वय बनाकर इसपर काम किया जाए। 
शिक्षा के व्यवसायीकरण पर लगे रोक 
विधायक जयराम महतो ने कहा कि झारखंड ही नहीं पूरे देश मे जिस तरह से शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया है वह एक बड़ी चिंता का विषय है। हर वर्ष स्कूलों मे फीस वृद्धि, बिल्डिंग चार्ज, किताब-कॉपी, ड्रेस के नाम पर छात्रों और अभिभावकों का दोहन किया जा रहा है। पहले तो यह बीमारी शहरों तक ही सीमित थी अब तो यह बीमारी गावों मे भी अपना पैर पसार चुकी है। इस बीमारी को फैलाने मे ऊपर से लेकर नीचे तक हिस्सेदारी बंधी हुई है। उन्होनें कहा कि पहले एक किताब से चार-पाँच सत्र के छात्र पढ़ते थे। अब तो हर वर्ष पाठ्यक्रम बदल रहा है। उन्होनें कहा कि इसपर लगाम लगाया जाना बहुत जरूरी है। 
खनिज संपदाओं पर माफियाओं का है कब्जा 
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड मे खनिज संपदाओं पर माफियाओं का कब्जा हो गया है। उन्होनें कहा कि वह जिस क्षेत्र से हैं वह कोयला का क्षेत्र है। हर दिन करोड़ों रुपये का कोयला माफियाओं के द्वारा चोरी किया जा रहा है। उन्होनें साफ कहा कि इस कार्य मे माफियाओं को राजनेताओं और पुस-प्रशासन के लोगों का समर्थन मिल हुआ है। इसी तरह से बालू हो या लोह अयस्क सभी खनिजों की खुलेआम चोरी हो रही है। उन्होनें कहा कि इन माफियाओं का ऐसा कनेक्शन है कि इसे कोई कुछ नहीं कर सकता। ऐसे मे राज्य के विकास की बात करना ही बेमानी है। 
सुदेश महतो कभी कुड़मी के  नेता नहीं थे 
एक सवाल के जवाब मे जयराम महतो ने पूर्व मंत्री सुदेश महतो को लेकर बड़ी बात कह दी। उन्होनें कहा कि सुदेश महतो कभी कुड़मी के नेता थे ही नहीं। सुदेश महतो चुनाव जरूर जीतते थे लेकिन काभी उन्होनें कुड़मी के लिए काम ही नहीं किया। लेकिन यह सच्चाई है कि कुड़मी के नाम पर उन्होनें अपना विकास जरूर किया। उन्होनें साफ कहा कि जनता ने सुदेश महतो को जितना समय दिया था अगर वह सही मे कुड़मी जाति की उन्नति कहते तो आज जिन मांगों को लेकर वह कुड़मी समाज के आंदोलन मे अगुआ बनने जाते है वह मांग कब की पूरी हो गई होती। 
गांवों का भ्रमण नहीं करते हैं जनप्रतिनिधि 
जयराम महतो ने जनप्रतिनिधियों पर भी जमकर कटाक्ष किया। उन्होनें कहा कि चुनाव के समय तो नेता गाँव मे जाकर लोगों से वोट मांगते हैं लेकिन जब चुनाव जीत जाते हैं तो गाँव को भूल देते हैं। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि गाँव का भारमन नहीं करते। शहरों मे रहना उन्हें ज्यादा रास आता है। उन्होनें चंदनकियारी विधायक का उद्धरण देते हुए कहा कि एक दिन वह चंदनकियारी गए थे, लोगों से पूछा कि विधायक जी कहाँ हैं तो जवाब आया कि वे तो बोकारो मे रहते हैं।