
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता मे बुधवार को झारखंड मंत्रालय मे कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 53 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक मे लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव बन्दना दादेल ने बताया कि राज्य में अनाधिकृत रूप से बनाए गए भवन को रेगुलराइज करने के लिए सरकार ने नियमावली को स्वीकृति प्रदान की। इसमें 2019 के नियमावली में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार 10 मीटर ऊंचाई तक की जी प्लस टू भवनों को रेगुलराइज किया जा सकेगा। इसका अधिकतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर होगा। आवासीय भवनों के लिए 10000 रुपये एवं व्यावसायिक भवनों के लिए 20000 रुपये का शुल्क देना होगा। खूंटी गिरिडीह जामताड़ा और धनबाद सदर अस्पताल को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने का फैसला कैबिनेट मे लिया गया। अब झारखंड के सरकारी विद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों के लिए राज्य स्तरीय क्विज का आयोजन किया जाएगा. उच्च शिक्षण संस्थानों में अब महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवसों को अनिवार्य रूप से मनाया जाएगा, ताकि छात्र इतिहास और सामाजिक सरोकारों से जुड़ सकें. राज्य में राष्ट्रीय गणित दिवस और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा. इससे छात्रों में शोध और नवाचार के प्रति रुचि पैदा करने की कोशिश की जाएगी। यातायात की समस्या को दूर करने के लिए रांची के बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश को मंजूरी दी गई है. रांची के नामकुम से डोरंडा तक की सड़क को अब फोरलेन बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए कैबिनेट ने 162 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है. इस सड़क के चौड़ीकरण से शहर में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी. बैठक में झारखंड मोटरवाहन करारोपण संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है. इससे वाहनों के टैक्स प्रबंधन और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया में बदलाव आने की उम्मीद है. विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और नियमावली में संशोधन से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई गई है. राज्य कर्मियों के महंगाई भत्ते मे वृद्धि करने की मंजूरी कैबिनेट ने प्रदान की।
झारखण्ड राज्य वित्त आयोग के कार्यालय हेतु पदों के सृजन की स्वीकृति
कैबिनेट ने झारखंड राज्य वित्त आयोग के कार्यालय के लिए पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही पंचम राज्य वित्त आयोग के कार्यरत अध्यक्ष एवं सदस्य का कार्यकाल दिनांक-30. 09.2027 तक विस्तारित करने एवं पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतिम रिपोर्ट हेतु दिनांक-30.09.2027 तक की समय-सीमा निर्धारित करने की स्वीकृति दी गई। झारखण्ड सरकार के विभिन्न विभागों अन्तर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं, शहरी निकायों और राज्य के स्वामित्ववाली कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण का ब्याज दर निर्धारण किये जाने की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई। पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन पर राज्य सरकार द्वारा कृत कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर कार्योपरान्त मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई। पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित द्वितीय प्रतिवेदन एवं एतद संबंधी राज्य सरकार द्वारा कृत अंतरिम कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को षष्ठम् विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र के पटल पर पुरःस्थापन कराने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की कार्योपरान्त स्वीकृति दी गई।नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन (Restructuring) की स्वीकृति दी गई।