
रांची : वर्षों से स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे सहायक अध्यापक आज भी स्थायी नियुक्ति से वंचित हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को संभालने के बावजूद उन्हें न तो नियमित किया गया और न ही उचित मानदेय दिया गया।
अध्यापकों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाला मानदेय इतना कम है कि परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर सहायक अध्यापकों ने पहले ही मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था, जिससे प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
अब सवाल ये उठता है कि… क्या सरकार इन अध्यापकों की मांगों पर ध्यान देगी? क्या वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को उनका हक मिल पाएगा? या फिर आगे एक नए बड़े आंदोलन की और जाएंगे शिक्षक