कूलर का मजा ले रहे है जंगल के राजा, फब्बारे में नहा रहे है गजराजBy Admin Fri, 24 April 2026 05:58 PM

रांची :  झारखंड में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। चिलचिलाती धूप और तेज तापमान से लोग जहां राहत के उपाय खोज रहे हैं, वहीं बेजुबान जानवरों के लिए यह मौसम और भी चुनौतीपूर्ण बन जाता है। ऐसे में राजधानी रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में वन विभाग और उद्यान प्रबंधन द्वारा जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बाथ टब और कुलर जैसी सुविधाओं का लुत्फ उठा रहे हैं जानवर

ओरमांझी जैविक उद्यान में व्हाइट टाइगर, शेर, तेंदुआ और हिमालयन भालू जैसे जानवर इन दिनों बाथ टब और कूलर का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। गर्मी से राहत देने के लिए उनके बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं, वहीं पानी से भरे टब की व्यवस्था की गई है ताकि वे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित रख सकें। हाथियों के लिए विशेष रूप से बड़े टब बनाए गए हैं, जिनमें उन्हें रोजाना सुबह और शाम नहलाया जाता है।

गर्मी से बचाने के लिए पुआल का निर्माण

वहीं, बढ़ती गर्मी में जानवरों को मिल रही सुविधाओं को लेकर भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान के पशु चिकित्सक पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश साहू ने बताया कि बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए बाड़ों के आसपास पुआल की दीवारें बनाई गई हैं, जिससे गर्म हवा का असर कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मांसाहारी जानवरों जैसे शेर, बाघ और तेंदुओं के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है, जबकि अधिक पानी की आवश्यकता वाले हिमालयन भालुओं के लिए अलग से जल टब तैयार किए गए हैं।


जानवरों के खान पान में रखा जा रहा है विशेष ध्यान

बढ़ती गर्मी में आम तौर पर खान पान में विशेष ध्यान रखने की बात कही जाती है और यह जानवरों पर भी लागू होती है। पशु चिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर ओम प्रकाश साहू ने बताया कि इस मौसम में जानवरों के खान पान में भी बदलाव किया गया है। शाकाहारी जानवरों को मौसमी फल, विशेषकर आम, दिए जा रहे हैं ताकि उन्हें पर्याप्त पोषण मिल सके। वहीं सभी जानवरों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए नियमित रूप से ग्लूकोज का घोल भी दिया जा रहा है।


जानवरों के स्वास्थ्य की होती है मॉनिटरिंग

पशु चिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर ओम प्रकाश साहू ने यह भी जानकारी दी कि गर्मी के इस मौसम में सभी जानवरों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। यदि किसी जानवर में गर्मी से संबंधित समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत उद्यान के रेस्क्यू सेंटर स्थित अस्पताल में उसका इलाज किया जाता है। स्वस्थ होने के बाद उसे पुनः उन्हें निर्धारित स्थान में छोड़ दिया जाता है।