
रांची : एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत दी है तो वहीं दूसरी ओर इसी बारिश ने सरकारी व्यवस्थाओं की खामियों को उजागर कर दिया है। राजधानी रांची के कडरू स्थित Food Corporation of India (FCI) के गोदाम में अनाज भंडारण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बारिश के दौरान गोदाम परिसर में रखे चावल के कई बोरे खुले में भीगते हुए पाए गए, कई बोरियों में नमी के कारण फंगस लग चुकी है और मौके पर लोगों के अनुसार यह बोरी कई महीनों से पड़ी हुई है, जिससे अनाज के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा चीनी की बोरियां भी बारिश के पानी से पूरी तरह भीग गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता पर असर पड़ना तय माना जा रहा है
FCI को केंद्र सरकार की ओर से अनाज को सुरक्षित भंडारण करने और जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि भंडारण व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनती है, बल्कि गरीबों के हक पर भी सीधा असर डालती है।
अब ऐसे में कई बड़े सवाल उठ रहें है जैसे जब मौसम विभाग द्वारा बारिश होने की चेतावानी दी जा रही थी तो क्या पहले से कोई तैयारी नहीं की गई थी? क्या मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया? और अगर ऐसा ही चलता रहा तो करोड़ों का अनाज आखिर किसकी लापरवाही से बर्बाद होगा? सवाल यह भी है खराब हुए इस अनाज का आखिर क्या होगा? क्या इसे नष्ट किया जाएगा या फिर किसी स्तर पर इसे वितरण प्रणाली में शामिल कर दिया जाएगा? यदि ऐसा होता है, तो यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। साथ ही, यह भी देखना अहम होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस उपाय किए जाते हैं।