इतने खास क्यों हैं नीतीश, कैसे बनाई अलग पहचान By Admin Fri, 01 May 2026 05:14 PM

सुनील सिंह/रांची : पटना से आज कुछ ऐसी तस्वीर सामने आई जिसमें यह सोचने को मजबूर किया कि आखिर नीतीश कुमार, नीतीश कुमार क्यों हैं. राजनीति में उनकी अलग पहचान क्यों और कैसे है. कैसे बिहार जैसे संवेदनशील और जातीय राजनीति के दलदल में फंसे राज्य में 20 साल तक लगातार मुख्यमंत्री रहे और बिहार की दिशा और दशा बदल दी. पटना में सीएम आवास लगभग खाली हो चुका है. नीतीश कुमार अब नए आवास सर्कुलर रोड में रहेंगे. शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री आवास खाली हो रहा था तो ठेले पर पुराना कूलर व अन्य सामान नए आवास में शिफ्ट हो रहा था. ट्रैक्टर से कुर्सी और घरेलू सामान ले जाया गया. तस्वीर अपने आप में सब कुछ कह रही है कि नीतीश कुमार क्या हैं और क्यों हैं . क्या आज के दौर के नेताओं के घर इस तरह खाली होते हैं.

घर से पुराना कूलर कुर्सी ठेले और ट्रैक्टर पर जाते हुए किसी ने देखा है. उत्तर होगा शायद नहीं. नेताओं के आवास रहन-सहन, शान- शौकत, लग्जरी लाइफ की ही चर्चा होती है. लेकिन नीतीश कुमार की सादगी और ईमानदारी पर कभी सवाल नहीं उठा. सीएम हाउस उन्होंने खुद ही खाली कर दिया. किसी को खाली कराने की जरूरत नहीं पड़ी, न नोटिस थमाया गया. नीतीश कुमार जब तक चाहते वह सीएम हाउस में रह सकते थे. कोई बोलने वाला नहीं था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. जब से राज्यसभा में जाने का फैसला लिया तभी से ही उन्होंने सीएम आवास से बोरिया बिस्तर बांधना शुरू कर दिया था. आज की राजनीति के लिए एक बड़ा उदाहरण है.

अभी कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को जब आवास खाली करने का नोटिस मिला तो पटना और बिहार में कितना बवाल हुआ यह सबको पता है. और नीतीश कुमार को देखिए कैसे उन्होंने बिना कहे आवास खाली कर दिया. अभी झारखंड में भी एक सपनों का शीश महल मुख्यमंत्री के लिए बन रहा है. विशाल और बड़े आवास को तोड़कर नया आवास बन रहा है.100 करोड़ से अधिक का डीपीआर बना है. बनते-बनते इसकी राशि कई गुना बढ़ जाएगी. आज के नेताओं के लिए लग्जरी लाइफ और दिखावा प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है. सरकारी पैसे पर सारी सुविधा मिलती है. जितनी मर्जी उतनी ले लो. सरकार और सत्ता अपनी है. कौन बोलेगा. किसकी हिम्मत है.