राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देवBy Admin Wed, 06 May 2026 07:26 PM

RANCHI: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं 
प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के  मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक  2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो  को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे। कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी
प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई। प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।