
रांची - Alamgir Alam को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद आज की रात भी जेल में ही बितानी पड़ेगी। करीब दो वर्षों से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद पूर्व मंत्री की रिहाई फिलहाल तकनीकी कारणों से अटक गई है।
सोमवार 11 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आलमगीर आलम को जमानत दे दी थी, लेकिन अब तक आदेश की कॉपी निचली अदालत तक नहीं पहुंचने के कारण रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
आलमगीर आलम के अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम Court के आदेश की अधिकृत कॉपी अभी सिविल कोर्ट को प्राप्त नहीं हुई है। जब तक आदेश की प्रति अदालत में जमा नहीं होगी, तब तक बेल बॉन्ड भरने और रिहाई की न्यायिक प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी।
जानकारी के मुताबिक, आदेश की कॉपी मिलते ही अदालत में जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ होगा। फिलहाल तकनीकी और कानूनी औपचारिकताओं की वजह से उन्हें एक और दिन जेल में रहना पड़ेगा।
क्या है मामला|
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम पिछले करीब दो वर्षों से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके समर्थकों को रिहाई की उम्मीद थी, लेकिन आदेश की कॉपी नहीं पहुंचने से इंतजार बढ़ गया है।