मुख्य मंत्री के पैतृक गांव नेमरा में वज्रपात का कहर, 26 मवेशियों की हुई मौतBy Admin Tue, 12 May 2026 07:00 PM

रजरप्पा: गोला प्रखंड क्षेत्र के नेमरा गांव में मंगलवार की शाम आंधी तूफान और तेज बारिश पर जबरदस्त वज्रपात ने भारी तबाही मचा दी। अचानक  बिजली गिरने की घटना में गांव के 26 मवेशियों की एक साथ दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत मवेशियों के मालिकों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि सभी मवेशी बारिश से बचने के लिए गांव के पास स्थित एक महुआ पेड़ के नीचे खड़े थे। तभी तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और मौके पर ही सभी मवेशियों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण दौड़कर घटनास्थल पहुंचे, जहां पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में मरे पड़े मवेशियों को देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। इस प्राकृतिक आपदा में गांव के कई किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
मवेशी मालिकों में नकुल बेसरा के 3, जागरण सोरेन के 2, सहदेव किस्कू के 2, बिरजू सोरेन के 1, केशव टुडू के 2, विजय किस्कू के 2, उमेश किस्कू के 1, जीतराम मुर्मू के 1, बिगन टुडू के 2, महेंद्र टुडू के 2, मोहन किस्कू के 2, करमचंद टुडू के 2 तथा मनसा किस्कू के 2 सहित अन्य दो  मवेशियों की मौत हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश किसान खेती और पशुपालन पर ही निर्भर हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत ने प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। कई परिवारों के लिए ये मवेशी ही आजीविका का मुख्य साधन थे। घटना के बाद किसान गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान गांव में तेज गर्जना के साथ बिजली चमकी और कुछ ही क्षण में महुआ पेड़ के नीचे खड़े सभी मवेशी जमीन पर गिर पड़े। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।बताया गया की नेमरा गांव झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पैतृक गांव है। इस दुखद घटना की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी लोग गांव पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा और सहायता देने की अपील की है।ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।