
भुरकुंडा (रामगढ़): भुरकुंडा परियोजना अंतर्गत संगम खुली खदान में आउटसोर्सिंग कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और आउटसोर्सिंग कार्य ठप करा दिया। प्रदर्शन के कारण खदान क्षेत्र में कई घंटों तक कामकाज प्रभावित रहा।
सुबह से ही देवरिया बरगवां, कुरसे, बलकुदरा और दुंदुवा राजस्व ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीण, विस्थापित और प्रभावित लोग संगम खदान क्षेत्र में जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि 4 मई को सौंपे गए छह सूत्री मांग पत्र पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी नाराजगी के चलते मोर्चा ने आउटसोर्सिंग कार्य बंद करा दिया।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में भूमि अधिग्रहण के बदले विस्थापित रैयतों को नौकरी, उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा संगम खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय विस्थापित बेरोजगारों को शत-प्रतिशत रोजगार देने और मोर्चा को ट्रांसपोर्टिंग कार्य उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने चारों राजस्व ग्रामों के हित में भुरकुंडा रोड सेल को जल्द शुरू करने, सीसीएल की सीएसआर योजना के तहत प्रत्येक गांव में हर साल एक करोड़ रुपये की विकास राशि देने तथा नव निर्मित इको पार्क में स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने की मांग भी प्रमुखता से रखी। साथ ही अंचल अधिकारी, पतरातू द्वारा सभी विस्थापितों का भौतिक सत्यापन कर पहचान पत्र जारी करने की मांग भी की गई।
स्थिति को तनावपूर्ण होता देख सीसीएल प्रबंधन की ओर से एसओएम अजय कुमार सिंह, सेल्स मैनेजर अविनाश चंद्रा और बीएलए प्राइवेट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने 19 मई को पीओ कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मोर्चा ने अपना एक दिवसीय धरना समाप्त कर दिया।
धरना-प्रदर्शन में संजय मांझी, कृष्ण मुर्मू, संतोष मांझी, राजेंद्र मुंडा, फुलेश्वर राम, झरी मुंडा, राणा प्रताप सिंह, जयलाल सिंह, राजाराम प्रसाद, अजय साहू, संतोष बेदिया, महावीर मांझी, रामदास मांझी, राज मुर्मू, रूपलाल मुर्मू, नरेंद्र बेदिया, आनंद बेदिया, राजेश महतो, सुनील करमाली, विजय मुंडा, शंभू लाल मांझी सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल रहे।
With inputs from IANS